
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े बहुचर्चित और लंबे समय से लंबित मामले की सुनवाई अब हाई कोर्ट की विशेष पीठ करेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया द्वारा सोमवार को स्वयं को सुनवाई से अलग (रिक्यूज़) करने के बाद हाई कोर्ट ने न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति विनय सराफ की स्पेशल बेंच गठित कर दी है। नई विशेष पीठ मंगलवार दोपहर 2:30 बजे से मामले की सुनवाई शुरू करेगी।
प्रदेश के लाखों शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े इस मामले पर लंबे समय से सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सुनवाई के दौरान प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
नई विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया
उल्लेखनीय है कि इससे पहले कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, लेकिन सोमवार को उन्होंने स्वयं को इस प्रकरण से अलग कर लिया। इसके बाद मामला नई विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।
हाई कोर्ट की विशेष पीठ की कार्यवाही पर टिकी नजरें
प्रमोशन में आरक्षण का विवाद कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले का सीधा असर प्रदेश की पदोन्नति प्रक्रिया, वरिष्ठता और बड़ी संख्या में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों पर पड़ सकता है। ऐसे में मंगलवार से शुरू होने वाली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों, प्रशासन और विधि विशेषज्ञों की नजरें अब हाई कोर्ट की विशेष पीठ की कार्यवाही पर टिकी हैं।
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