
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध एक बार फिर लबालब होने की स्थिति में पहुंच गया है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित रखने शनिवार को सीजन में 17 जलद्वार खोल दिए गए।
2.38 मीटर ऊंचाई तक खोले गए 17 जलद्वारों से 6121 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। जिससे नर्मदा का जलस्तर भी लगभग 10 से 12 फीट तक बढ़ने की संभावना है।
दरअसल पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से मंडला, डिंडौरी सहित आस-पास के जंगली क्षेत्रों से बारिश का पानी बांध के कैचमेंट एरिया में आ रहा है।
बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार लगातार पानी की आवक को देखते हुए पहले पांच फिर नौ, फिर 13 और फिर 17 जलद्वार खोल दिए गए हैं। बांध का अधिकतम जलस्तर 422.76 मीटर है। बांध प्रबंधन के अनुसार बांध में पानी की आवक के अनुसार जल निकासी की मात्रा को आवश्यकता के अनुरूप कभी भी घटाया अथवा बढ़ाया जा सकता है
सुबह 11 बजे 9 जलद्वार औसतन 1.83 मीटर ऊंचाई तक खोलकर 2522 क्यूमेक पानी छोड़ा गया-दोपहर 03 बजे 13 जलद्वार औसतन 1.88 मीटर ऊंचाई तक खोल कर 3752 क्यूमेक निकासी की गई- शाम 07 बजे से जल निकासी बढ़ाकर 17 जलद्वार औसतन 2.38 मीटर ऊंचाई तक खोलकर 6121 क्यूमेक पानी छोड़ा गया
शनिवार को बांध के 17 गेट खोलकर नर्मदा में जलराशि की निकासी किए जाने के बाद तीसरी बार मां नर्मदा उफान पर आ गई। कई फीट तक जलस्तर बढ़ने से गौरीघाट के सभी घाट एक बार फिर डूबने की कगार पर पहुंच गए।
तिलवारा, भेड़ाघाट सहित नर्मदा के निचले क्षेत्रों के घाटों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। बांध से पानी की निकासी जारी रही तो रविवार को नर्मदा का जलस्तर बढ़ सकता है।
बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा के निचले क्षेत्र में स्थित घाटों पर आठ फीट तक पानी बढ़ने की संभावना है। वहीं रात में जलस्तर और बढ़ सकता है। बांध प्रबंधन ने आम नागरिकों से नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
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