889 किलो गांजा तस्करी मामले में तीन को 15-15 वर्ष का कारावास, जबलपुर में NDPS कोर्ट का फैसला
ट्रक क्रमांक-सीजी-07, सीडी-0462 में गांजा परिवहन किया जा रहा था। लिहाजा, अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया। दरअसल, एनसीबी, इंदौर के अधिकारी राजेश कुमार यादव ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 18 Feb 2026 08:31:23 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Feb 2026 08:35:14 PM (IST)
एनडीपीएस कोर्ट ने दिया फैसला।HighLights
- एनडीपीएस कोर्ट का फैसला, आरोपियों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
- नारकोस्टिक्स कंट्रोल ब्यूरो, इंदौर ने सालीबाड़ा टोल प्लाजा, जबलपुर में किया था गिरफ्तार।
- प्रकरण के अनुसार ट्रक क्रमांक-सीजी-07, सीडी-0462 में गांजा परिवहन किया जा रहा था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। एनडीपीएस के विशेष न्यायाधीश प्रवेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने 889 किलो गांजा तस्करी के आरोपित कोइलवर, सुरौंधा कालोनी, आरा, भोजपुर, बिहार निवासी अरुण कुमार शर्मा, रणजीत उर्फ रंजीत शर्मा और गंगा चौधरी का दोष सिद्ध पाया।
इसी के साथ तीनों को 15-15 वर्ष के कारावास की सजा सुना दी। साथ ही डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि मामले में दो अन्य आरोपितों भूपेंद्र सिंह उर्फ चुनचुन, अकौरा, बरहारा, भोजपुर, बिहार व ऋषि पांडे, ग्राम इतरहा, मैहर, सतना को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
इस मामले में नारकोस्टिक्स कंट्रोल ब्यूरो, इंदौर की ओर से विशेष लोक अभियोजक अरिवंद जैन ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 16 नवंबर, 2020 को नारकोस्टिक्स कंट्रोल ब्यूरो, इंदौर ने सालीबाड़ा टोल प्लाजा, जबलपुर पहुंचकर आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
ट्रक क्रमांक-सीजी-07, सीडी-0462 में गांजा परिवहन किया जा रहा था। लिहाजा, अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया। दरअसल, एनसीबी, इंदौर के अधिकारी राजेश कुमार यादव को 15 नवंबर, 2020 को गुप्ता सूचना प्राप्त हुई थी। जिसके आधार पर आरोपितों को पकड़ने टीम रवाना कर दी गई थी।