
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: जबलपुर को महानगर की पहचान दिलाने वाले ब्रिज, फ्लाईओवर की अनदेखी भारी पड़ सकती है। करोड़ों रुपये खर्च कर कंक्रीट के ब्रिज खड़े तो हैं लेकिन इनकी देखरेख नहीं होने से उम्र से पहले ये बूढ़े हो सकते हैं। शहर के बड़े ट्रैफिक का बोझ उठा रहे शास्त्री ब्रिज का प्लास्टर उखड़कर सरिया बाहर निकल आए हैं। बीते बुधवार की रात को फ्लाईओवर के निचले हिस्से का प्लास्टर गिरा।
पिछले दिनों शहपुरा में रोड ओवर ब्रिज ढहने के बाद प्लास्टर गिरने से लोग डर गए। इधर ब्रिज का जिम्मा नगर निगम के पास है लेकिन उन्हें इसकी कोई चिंता ही नहीं है। अफसर भी ब्रिज की मजबूती को लेकर आश्वस्त हैं। वहीं, कटंगा में पिछले साल बनकर तैयार हुआ ओवर ब्रिज के किनारे से नगर निगम ने खोदाई कर दी है। यह खोदाई नर्मदा पाइप लाइन डालने के लिए की गई है। ब्रिज की दीवार के बिल्कुल करीब से गड्ढा होने से उसकी मजबूती पर असर होने की आशंका जताई जा रही है।
शहर का सबसे पुराना और व्यस्ततम शास्त्री ब्रिज 62 साल पुराना हो चुका है। ब्रिज पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ गया है लेकिन इसकी सेहत लगातार गिर रही है। प्लास्टर खुद ही झड़ रहा है और सरिया जगह-जगह निकल आए हैं। शास्त्री ब्रिज में फ्लाईओवर निर्माण को लेकर 2019-20 के बजट में जोड़ा गया। ज्ञात हो कि लोक निर्माण विभाग सेतु ने करीब 148 करोड़ रुपये की निर्माण लागत आंकी थी। जिसका प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए शासन स्तर पर भेजा जा चुका था। ज्ञात हो कि पूर्व कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने यातायात के दबाव को देखते हुए जल्द निर्माण के लिए अशासकीय पत्र शासन को लिखा है।
लोक निर्माण विभाग के पूर्व के नक्शे में फ्लाईओवर की लंबाई 1840 मीटर तय की गई है। इसकी चौड़ाई 16 मीटर होगी। 38 मीटर रेलवे क्षेत्र से गुजरेगा। पुराने बस स्टैंड के आगे पेट्रोल पंप से फ्लाईओवर प्रारंभ होगा। जो मेडिकल रोड की तरफ निकलेगा। मौजूदा ब्रिज के ऊपर पिलर बनाकर यह फ्लाईओवर का निर्माण होगा।
बस स्टैंड से महानद्दा मेडिकल की ओर जाने वाले वाहन सीधे फ्लाईओवर के जरिए बाहर निकल जाएंगे। जिन वाहनों को होमसाइंस रोड, गौरीघाट या गोरखपुर की तरफ जाना होगा वो शास्त्री ब्रिज से होकर निकलेंगे। इस ब्रिज को भी लोक निर्माण विभाग द्वारा जीर्णोंद्धार किया जाएगा। इससे पूर्व कांग्रेस शासन में शास्त्री ब्रिज पर तीन फ्लाईओवर निर्माण की योजना थी लेकिन भाजपा शासन में इसके डिजाइन में बदलाव हुआ। विभाग ने पुणे के इंजीनियरों से डिजाइन तैयार करवाई है।
शास्त्री ब्रिज का निर्माण 1962 में शुरू हुआ। 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने इसका लोकार्पण किया था। इतने वक्त में ब्रिज की स्थिति जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह से ब्रिज का कंक्रीट उखड़ने लगा है। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक ब्रिज की उम्र 50 साल होती है।
शास्त्री ब्रिज पर नगर निगम की तरफ से ऊपर सड़क और रंग रोगन का कार्य समय-समय पर करवाया जाता है। इसके जीर्णोंद्धार को लेकर विभाग के पास क्या अधिकार है इसकी जानकारी लेकर ही कुछ कह सकते हैं। जहां तक कटंगा फ्लाईओवर के करीब से खुदाई की बात है तो उस गड्ढे को भर दिया जाएगा इससे कोई प्रभाव ब्रिज पर नहीं होगा।
-कमलेश श्रीवास्तव, यंत्री नगर निगम