• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • दतिया उपचुनाव
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • ए आई बूटकैंप
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

टीईटी परीक्षा के विरोध में हाई कोर्ट में नई याचिका, केंद्र-राज्य व एनसीटीई को नोटिस

हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। आदेश में प्रतिवादियों को प्रक्रिया शुल्क जमा करने के निर्देश के साथ दो सप्...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 09:46:42 AM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 09:46:42 AM (IST)
टीईटी परीक्षा के विरोध में हाई कोर्ट में नई याचिका, केंद्र-राज्य व एनसीटीई को नोटिस
हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने की मामले की प्रारंभिक सुनवाई।

HighLights

  1. आरटी एक्ट की धारा 23(2) की संवैधानिकता को दी चुनौती
  2. शिक्षकों के अधिकारों और सेवा शर्तों को प्रभावित करता है
  3. प्रवि‍धान को चुनौती देते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रविधानों को लेकर हाई कोर्ट में नई याचिका दायर की गई है। ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।

निर्धारित अवधि में योग्यता हासिल करने का प्रविधान

याचिका में कहा गया है कि धारा 23(2) के तहत शिक्षकों को नियुक्ति के बाद निर्धारित अवधि में योग्यता हासिल करने का प्रविधान किया गया है, जो शिक्षकों के अधिकारों और सेवा शर्तों को प्रभावित करता है।

नोटिस जारी कर जवाब मांगा

याचिकाकर्ता संगठन ने इस प्रवि‍धान को चुनौती देते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।


प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा

आदेश में प्रतिवादियों को प्रक्रिया शुल्क जमा करने के निर्देश के साथ दो सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। याचिका की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश चंद्र घिल्डियाल और अधिवक्ता वरिजा घिल्डियाल ने पैरवी की।

अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख निर्धारित

केंद्र सरकार की ओर से असिस्टेंट सालिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिवक्ता अर्नव तिवारी के साथ पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता निलेश यादव उपस्थित हुए। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।

यह भी पढ़ें- MP High Court ने राज्य को समय दिया, वन्यजीव संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप नीति बनेगी