
नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की सूचना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तैयारियों में तेजी आ गई है।
बुधवार को आयोजित दीक्षा समारोह आयोजन समिति की समीक्षा बैठक में कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि दीक्षा समारोह विद्यार्थियों के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण और यादगार अवसर होता है। ऐसे में आयोजन पूर्ण गरिमा, अनुशासन और समन्वय के साथ संपन्न कराया जाएगा।
कुलगुरु ने कहा कि समारोह के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी समितियां आपसी सहयोग और समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 20 वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति का आगमन होने जा रहा है। राष्ट्रपति भवन की ओर से राष्ट्रपति के प्रवास के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा, प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं की तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। दीक्षांत समिति के संयोजक प्रो. एसएस संधू ने बताया कि समारोह से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए समितियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
समारोह की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इधर, बैठक में कुलसचिव डा. रविशंकर सोनवाल, मुख्य संयोजक प्रो. एसएस संधू, प्रो. राकेश बाजपेयी, प्रो. सुरेंद्र सिंह सहित विभिन्न समितियों के संयोजक उपस्थित रहे। इस दौरान तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 141 छात्र-छात्राओं को 240 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 182 शोधार्थियों को पीएचडी, तीन को डी-लिट, एक को डीएससी तथा एक मानद उपाधि प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है।
स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं और पीएचडी उपाधि धारकों के लिए ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीयन की अंतिम तिथि 12 जून शाम पांच बजे निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पात्र विद्यार्थियों से समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है।