
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट ने सिहोरा में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले दंगाइयों सिहोरा निवासी साकिर मकरानी, ताहिर मकरानी, आबिद राईन, आशिक बावा, समीर खान, आसमानी भाईजान, फरदीन, शादाब, नौशाद, अब्दुल, इमरान शाह, जावेद राईन, ओवेद राईन, नाशीर अंसारी, अनवर राईन, राजा मकरानी, समीर मकरानी, छोटू अंसारी, अशरफ मकरानी, हप्पू मछली वाला, तनवीर राईन की जमानत अर्जियां निरस्त कर दीं।
अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय दुबे ने जमानत अर्जियों का विरोध किया। उन्हाेंने दलील दी कि आरोपितों द्वारा एक वर्ग विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।
आरोपितों ने एकजुट होकर पथराव किया। इसमें हिन्दू समुदाय के लोग घायल हुए। यह आकस्मिक विवाद नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित था।
जमानत मिलने पर अभियुक्तगण के द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाहों को डराने-धमकाने व साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की प्रबल संभावना है।
इस स्तर पर अभियुक्तगणों को जमानत का लाभ दिए जाने पर साम्प्रदायिक तनाव बढ़ने व सार्वजनिक शांति भंग होने का गंभीर खतरा पैदा होगा। अत: सभी अभियुक्तगणों को जमानत का लाभ देना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता।
दरअसल, 19 फरवरी, 2026 को रात्रि में जय ज्योति समिति, आजाद चौक सिहोरा में माताजी की आरती हो रही थी। आरती में फरियादी अंकेश गुप्ता के साथ आदर्श गुप्ता, रामजी गुप्ता, स्वयं गुप्ता, ऋतु वर्मन, बनवारी गुप्ता, अंकित गुप्ता, सक्षम गुप्ता, राहुल गुप्ता व अन्य सनातनी शामिल थे।
इसी दौरान मदीना मस्जिद, आजाद चौक सिहोरा के अंदर व बाहर से बहुत सारी भीड़ आई। भीड़ में से साकिर मकरानी, ताहिर मकरानी, आबिद राईन, आशिक बावा, समीर खान, आसमानी भाईजान, फरदीन, शादाब, नौशाद, अब्दुल, इमरान शाह, जावेद राईन, ओवेद राईन, नाशीर अंसारी, अनवर राईन, राजा मकरानी, समीर मकरानी, छोटू अंसारी, अशरफ मकरानी, हप्पू मछली वाला, तनवीर राईन शामिल थे। सबने गालियां देते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी।
आरती कर रहे अन्य लोगों द्वारा समझाया गया। इसके बाद कुछ देर तक विवाद शांत रहा। इसके बाद वहीं पर मोहम्मद तौसीर, सोहेल शाह, अकरम शाह, मोहम्मद शिन्दबाज व अन्य बहुत सारे लोग खतरनाक रूप से ईंट-पत्थर लेकर आए और पहले आई भीड़ में शामिल हो गए।
इसके बाद पुनः सभी लोग एक राय होकर मंदिर के और सभी लोगों के ऊपर ईंट पत्थर बरसाने लगे। मंदिर के सामने लगी स्टील की रेलिंग तोड़ दी।
देवी-देवताओं का अपमान करने लगे, जिससे सभी लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। तोड़फोड़ से मंदिर में काफी नुकसान हुआ है।
कुछ देर बाद पुलिस बल आ जाने से सभी आरोपित लोग मौके से भागने लगे। कुछ लोग मस्जिद के अंदर छुप गए थे।