प्रदेश की सीमाओं पर बंद की गईं सभी अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट को खोलें, MP हाईकोर्ट ने कहा
कोर्ट ने इसके लिए 30 दिन मोहलत दी है। दरअसल, पूर्व में सरकार ने इस संबंध में अभिवचन दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अदालत में दिए वचन का पालन क ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 22 Apr 2026 08:22:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Apr 2026 08:24:55 PM (IST)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट।HighLights
- प्रदेश की सीमाओं पर बंद की गईं सभी अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट को खोलें
- हाई कोर्ट ने कहा-30 दिन में अभिवचन के अनुरूप आदेश का पालन करें
- कोर्ट ने यह भी कहा-सड़कों पर ओवरलोडिंग रोकना अत्यंत आवश्यक
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि सड़कों पर ओवरलोडिंग रोकना अत्यंत आवश्यक है। इसी के साथ कोर्ट ने प्रदेश की सीमाओं पर बंद की गईं सभी अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट को खोलने के निर्देश दे दिए।
कोर्ट ने इसके लिए 30 दिन मोहलत दी है। दरअसल, पूर्व में सरकार ने इस संबंध में अभिवचन दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अदालत में दिए वचन का पालन करना आवश्यक है।
याचिकाकर्ता सतना निवासी रजनीश त्रिपाठी की ओर से अधिवक्ता जुबिन प्रसाद व भानु प्रकाश विश्वकर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पूर्व में एक जनहित याचिका दायर की गई थी।
उसमें आरोप था कि ओवरलोडिंग ट्रकों व अन्य वाहनों के चलते सबसे ज्यादा सड़कें खराब होती हैं। इस मामले में सरकार ने हाई कोर्ट में अंडरटेकिंग दी थी कि ओवरलोडिंग रोकने हर संभव प्रयास किया जाएगा।
1050 करोड़ रुपये का निवेश करके विभिन्न बार्डर क्षेत्रों में खोली थीं 19 चेक पोस्ट
- दरअसल, याचिका लंबित रहने के दौरान राज्य शासन ने 1050 करोड़ रुपये का निवेश करके विभिन्न बार्डर क्षेत्रों में 19 चेक पोस्ट खोली थीं।
- बंद चेकपोस्ट खालने की राज्य शासन की अंडरटेकिंग पर हाई कोर्ट ने मामले का निराकरण कर दिया था।
- अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया कि अगले वर्ष यानी 2024 में ही सरकार ने उक्त सभी चेक पोस्ट को बंद कर दिया।
- अब बिना चेकिंग के ही ओवरलोड वाहन अन्य राज्यों से मध्य प्रदेश में आते हैं, जिससे सड़कें खराब होती हैं।
- इसके लिए विधानसभा से अनुमति नहीं ली गई और न ही कोई अधिसूचना जारी की गई। सरकारी खजाने को भी बहुत नुकसान हो रहा है।