
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। तकनीक और रोजगार के बदलते दौर में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा वित्तीय तकनीक (फिनटेक) जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने की दिशा में शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
बदलते दौर में जबलपुर के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की पहल के तहत मंगलवार को शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित एआई आधारित सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए चयन परीक्षा आयोजित की गई।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के सहयोग से संचालित किए जा रहे एआई आधारित सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मंगलवार को महाविद्यालय में चयन परीक्षा आयोजित की गई। महाविद्यालय के 250 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीयन कराया, जबकि आगे की राह महज 32 सीटों तक सीमित है। परीक्षा परिणाम के आधार पर मेरिट सूची तैयार होगी और इसी से चयनित विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा।
अब परीक्षा के परिणाम के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर चयनित विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन द्वारा विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू किया गया है।
इसी समझौते के तहत प्रदेश के 53 पीएम कालेज आफ एक्सीलेंस और 13 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में एआई और फिनटेक से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। शासकीय विज्ञान महाविद्यालय भी इस पहल में शामिल है।
चयन परीक्षा में विद्यार्थियों की सामान्य ज्ञान, गणितीय क्षमता, तकनीकी योग्यता, उभरती तकनीकों, नवाचार और संचार कौशल से जुड़ी समझ को परखा गया। परीक्षा में कुल 60 प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों के लिए राहत की बात यह रही कि परीक्षा में नकारात्मक अंकन नहीं रखा गया था। परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया महाविद्यालय स्तर पर पूरी की गई। अब विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन ने विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू किया है। इसी पहल के तहत प्रदेश के 53 पीएम कालेज आफ एक्सीलेंस और 13 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में एआई और फिनटेक से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। शासकीय विज्ञान महाविद्यालय भी इस महत्वाकांक्षी पहल का हिस्सा है।
महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट सेल की प्रभारी डाॅ. उषा मसराम और डाॅ. राजश्री कपूर ने बताया कि पाठ्यक्रमों के प्रति विद्यार्थियों में अच्छा उत्साह देखने को मिला। चयन परीक्षा में विद्यार्थियों की तकनीकी विषयों के साथ-साथ बदलती तकनीक और नवाचार से संबंधित समझ का भी आकलन किया गया है।
भौतिकशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. प्रशांत सेलट ने बताया कि विद्यार्थियों को एआई व फिनटेक विथ एआई में से किसी एक पाठ्यक्रम का चयन करने का अवसर मिलेगा। दोनों पाठ्यक्रमों में 16-16 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस प्रकार कुल 32 विद्यार्थियों को इन विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में अध्ययन का अवसर मिलेगा।
पाठ्यक्रमों का संचालन स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट सेल तथा भौतिकशास्त्र विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें उद्योगों में तेजी से बढ़ती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. शिखा सक्सेना के मार्गदर्शन में आयोजित चयन परीक्षा को विद्यार्थियों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक से जुड़े ऐसे अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्राचार्य ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में डिग्री के साथ तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान भी आवश्यक है। एआई और फिनटेक जैसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
चयन परीक्षा पूरी होने के बाद अब विद्यार्थियों की नजर मेरिट सूची पर है। चयनित विद्यार्थियों को आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक तकनीक की बारीकियों को सीखने का अवसर मिलेगा।
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