MP हाईकोर्ट में शिशु का भ्रूण लेकर पहुंचा याचिकाकर्ता, मची अफरातफरी
कोर्ट रूम में खड़ा दयाशंकर पांडे जोर-जोर से कह रहा था कि वह रीवा लोकसभ चुनाव में प्रत्याशी रह चुका है। वह एक रोज अपनी गर्भवती पत्नी के साथ जा रहा था, ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Mar 2026 07:35:06 PM (IST)Updated Date: Mon, 09 Mar 2026 07:39:48 PM (IST)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट।HighLights
- पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री को भी कब्जे लिया है।
- साथ ही उसे फारेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
- बड़ी साजिश या विरोध प्रदर्शन का इरादा संभव।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ में सोमवार को उस समय अफरातफरी की स्थिति निर्मित हो गई, जब एक याचिकाकर्ता पालिथिन में शिशु का भ्रूण लेकर पहुंच गया। आनन-फानन में कोर्ट में मौजूद सुरक्षा कर्मियों को पालिथिन को अपने कब्जे में ले लिया।
कोर्ट रूम में खड़ा दयाशंकर पांडे जोर-जोर से कह रहा था कि वह रीवा लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रह चुका है। वह एक रोज अपनी गर्भवती पत्नी के साथ जा रहा था, तभी दुर्घटना के कारण पत्नी का गर्भपात हो गया।
इस मामले में शिकायतों पर रीवा पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई न होने के कारण हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें राष्ट्रपति को भी पक्षकार बनाया था। हालांकि हाई कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रपति का नाम पक्षकारों की सूची से विलोपित कर दिया गया। साथ ही मामले की सुनवाई सोमवार को नियत की गई थी।
भ्रूण कांड की जानकारी मिलते ही एसएएफ जवान भी पहुंचे
- जैसे ही हाई कोर्ट में भ्रूण कांड की जानकारी मिली मौके पर हाईकोर्ट की सुरक्षा में तैनात एसएएफ के जवान सहित ओमती व सिविल लाइन पुलिस पहुंच गई।
- कोर्ट रूम के जिस डायस पर भ्रूण की पालिथिन रखी गई थी, उसकी सफाई करा दी गई। साथ ही सैनिटाइज कराया गया। सुरक्षा में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिकाकर्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
इसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। पुलिस ने मौके से उस आपत्तिजनक सामग्री को भी अपने कब्जे में लेकर फारेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
ऐसा इसलिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह कृत्य किसी मानसिक विक्षिप्तता का परिणाम था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश या विरोध प्रदर्शन का इरादा था। जब्त किए गए मानव अंग या भ्रूण को उसकी वास्तविकता और उम्र की पुष्टि के लिए फारेंसिक लैब भेजा गया है। सुरक्षा मानकों पर खड़े हुए गंभीर सवाल
हाई कोर्ट जैसे अति-संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह की वस्तु का पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े प्रश्नचिन्ह खड़े करता है। मेटल डिटेक्टर और सघन चेकिंग के बावजूद वह व्यक्ति संदिग्ध सामग्री के साथ भीतर कैसे प्रवेश कर गया, इसकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गहराई से तफ्तीश की जा रही है।