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MP High Court का अहम आदेश, कहा कि सरकारी वसूली में कानून और प्रक्रिया भी जरूरी

अब शासन को चार सप्ताह में जवाब देना है। उसके पक्ष और रिकार्ड के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित वसूली कानूनी कसौटी पर कितनी टिकती है।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 12:44:01 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 12:44:01 PM (IST)
MP High Court का अहम आदेश, कहा कि सरकारी वसूली में कानून और प्रक्रिया भी जरूरी
कोर्ट ने 4.93 लाख रुपये की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

HighLights

  1. निर्धारित प्रक्रिया से बाहर जाकर कार्रवाई नहीं कर सकते
  2. सुनवाई के बाद कोर्ट ने नोटिस जारी किया और स्पष्ट
  3. याचिकाकर्ताओं से किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा कि सरकारी वसूली में कानून और प्रक्रिया भी जरूरी है।

वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है

इसी के साथ मंडला जिले की ग्राम पंचायत बिनैका की सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ प्रस्तावित 4.93 लाख रुपये की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा

न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

4,93,942 रुपये की वसूली प्रस्तावित

सरपंच अनुसुइया परस्ते और पंचायत सचिव विपिन पटेल ने 29 जून 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनसे 4,93,942 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई थी।

दलील दी कि वसूली का आदेश विधि सम्मत नहीं है

उनकी ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा और कंचन मिश्रा पांडे ने दलील दी कि वसूली का आदेश विधि सम्मत नहीं है।

हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश इस लिहाज से महत्वपूर्ण

मामले में हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि सरकारी राशि की वसूली का अधिकार होने के बावजूद संबंधित प्राधिकारी कानून और निर्धारित प्रक्रिया से बाहर जाकर कार्रवाई नहीं कर सकते।

कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया

प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया और स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक विवादित आदेश के आधार पर याचिकाकर्ताओं से किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी।

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