
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज के छात्रावास में पानी की किल्लत ने छात्रों को उग्र बना दिया। महीनों से बनी समस्या का जब समाधान नहीं हुआ तो रविवार को छात्र भड़क गए। हाथ में बाल्टी लेकर एक सैकड़ों छात्र छात्रावास से निकलकर सड़क पर पहुंच गए। रांझी गोकलपुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया।
इस दौरान छात्रों की भीड़ देकर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया। छात्र करीब एक घंटे बाद किसी तरह सड़क से हटे और कालेज कैंपस में ही धरना देने लग गए। छात्रों से बात करने के लिए कालेज प्रबंधन ही उपलब्ध नहीं हुआ इस बात से छात्र और परेशान रहे। इधर जिम्मेदार छात्रों का सामना करने से बचते रहें।

छात्रावास क्रमांक सात और आठ के छात्रावासी छात्रों ने प्रदर्शन किया। दोनों छात्रावास में करीब 150 विद्यार्थी रहते हैं। करीब एक सैकड़ा छात्र नाराज होकर सड़क पर आ गए। छात्रों ने बताया कि पिछले आठ माह से छात्रावास में पानी की आपूर्ति प्रभावित है। नहाने में उपयोग होने वाला पानी नहीं पहुंच रहा है।
कई बार कालेज के प्राचार्य से लेकर छात्रावास प्रबंधन को शिकायत की गई थी लेकिन समाधान नहीं हुआ। प्रशासन ने छात्रों को हर बार शीघ्र समस्या का समाधान करने का वादा किया था। अब जबकि छात्रों को पीने का पानी भी नहीं मिला तो उनका गुस्सा फूट गया। बताया गया कि पिछले दिन, दिन में पीने का पानी छात्रावास में नहीं पहुंच रहा हैं।

छात्रावासी छात्रों ने कहा कि छात्रावास सात और आठ नंबर में छात्रों को पानी की बहुत किल्लत बनी हुई है। नहाने और बाथरूम के लिए पानी बमुश्किल थोड़ा उपलब्ध होता है जिस वजह से शिकायत करते रहे हैं लेकिन अब पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में छात्र बाजार से 30-40 रुपये की कैम्पर खरीदकर पीने के लिए पानी का उपयोग करते हैं। कई छात्र आर्थिक रूप से कमजोर है जो खरीदकर पानी पीने में अक्षम है ऐसे में उनके लिए मुश्किल खड़ी हो जाती है।
छात्रावास की व्यवस्था का जिम्मा सम्हालने वाले वार्डन भी इस समस्या का समाधान करने में नाकाम रहे। इस वजह से छात्र और नाराज हो गए। छात्रावासी छात्र सबसे पहले एकजुट होकर समस्या लेकर छात्रावास क्रमांक आठ के वार्डन हेमंत अमैया के पास पहुंचे। उन्होंने इस संबंध में समाधान करने से हाथ खड़े कर दिए। प्राचार्य का फोन बंद मिला जिसके बाद छात्र नाराज हुए और सड़क पर पहुंच गए। वार्डन सुनील अमैया ने कहा कि छात्र उनके घर आए थे उनकी समस्या से संबंधितों को अवगत कराया गया है लेकिन छात्र नाराज है।

दोपहर करीब तीन बजे छात्रों ने हंगामा शुरू किया। रांझी पुलिस मौके पर छात्रों को समझाने का प्रयास करती रही। कालेज प्रबंधन की ओर से छात्रों से बात करने कोई नहीं पहुंचा। पुलिस ने चीफ वार्डन से लेकर प्राचार्य तक को संपर्क किया लेकिन चीफ वार्डन शहर से बाहर थे और प्राचार्य डॉ. राजीव चांडक का फोन बंद था। इस कारण कोई अन्य अधिकारी नहीं पहुंचा। नतीजा छात्र धरने में बैठे रहें।
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जबलपुर इंजीनिरिंग कालेज के आवास और छात्रावास में पानी की आपूर्ति के लिए एक कुआं है जिससे पाइपलाइन के माध्यम से पानी सप्लाई होती है इसके अलावा नगर निगम का कनेक्शन भी है। छात्रावास सात और आठ की दूरी अधिक होने के कारण पानी की आपूर्ति में कठिनाई होती है पानी धीमी गति से आता है और ऊपर चढ़ाने में दिक्कत होती है। गर्मी में यह समस्या बढ़ जाती है।
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पानी आपूर्ति का जिम्मा डॉ. आर के यादव, अतुल शर्मा और आशीष चौबे के पास है इनके द्वारा भी इस कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई। छात्रावास के अलावा अधिकारी और कर्मचारियों के घर तक पानी की आपूर्ति सुलभ है ऐसे में छात्रों का गुस्सा होना लाजमी है।
छात्रावासों में पानी की आपूर्ति नियमित होती है कुछ समय से पानी पहुंचाने में समस्या आ रही थी यह हर साल होता है हम पानी चढ़ाने के लिए मोटर इस्तेमाल करते हैं लेकिन मोटर खराब हो गई थी जिसे सुधार कर लगवाना है यह काम एक-दो दिन में हो जाएगा। फिलहाल मैं बाहर हूं इस वजह से कालेज में छात्रों के बीच नहीं पहुंच पाया। प्राचार्य से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनका फोन बंद है।- डॉ. नितिन सक्सेना, चीफ वार्डन छात्रावास जेईसी