
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मझौली के ही ग्राम हटोली में धान खरीदी करने वाले ग्राम संकुल स्तरीय संगठन में जिला प्रशासन की जांच में करीब पांच हजार 302 क्विंटल धान गायब मिली। इस मामले में पहले 10 और फिर करीब एक माह बाद एक ओर आरोपित पर एफआईआर दर्ज की गई। इन आरोपियों से करीब एक करोड़ 39 लाख क्विंटल गायब धान की वसूली की जानी है, लेकिन इस वसूली में भी अब सवाल खड़े हो गए हैं।
मझौली तहसीलदार ने उक्त वसूल की जानी वाली राशि को 10 आरोपियों में बराबर-बराबर बांटा है। यानि हर आरोपित से करीब 13 लाख 91 हजार की वसूली के नाेटिस जारी किए गए। आरोपितों को नोटिस जारी दिनांक से सात दिन के भीतर राशि जमा करना थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 17 दिन बाद भी राशि जमा करना तो दूर, ये तहसील कोर्ट में पेश तक नहीं हुए। हालांकि मंगलवार को फिर आरोपितों के खिलाफ नोटिस जारी कर उन्हें उक्त राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले साल हुई धान खरीदी में फर्जीवाड़े का यह प्रकरण सबसे बड़ा है। इतना ही नहीं इस प्रकरण में समिति प्रबंधक, अध्यक्ष, सचिव समेत 10 लोगों को मुख्य आरोपित बनाते हुए एफआइआर दर्ज की गई। इनमें तीन उपार्जन से जुड़े अधिकारियों भी आरोपित बने।
उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी आनंद भारसाकले और प्रभारी ब्लाक प्रबंधक प्रकाश पांडे को आरोपित बनाया और इनके खिलाफ 13 लाख 91 हजार का वसूली नोटिस जारी किया गया। इतना ही नहीं इन दाेनों को सेवा से पृथक तक कर दिया है।
उपार्जन समिति से जुड़े खाद्य विभाग के अधिकारी प्रमोद मिश्रा भी इसमें आरोपी बनाए गए, लेकिन इनका नाम वसूली लिस्ट से हटा दिया है। अब आरोपितों से जुड़े परिजनों का आरोप है कि विभागी अधिकारी होने के नाते उन्हें राहत देने की वजह क्या है।
इस पूरे धान फर्जीवाड़े में एक के बाद एक जांच बैठ रही है। इतना ही नहीं इस मामले का लेकर विधानसभा में सवाल भी खड़े किए गए, जिसके बाद जांच के लिए भोपाल से चार सदस्यीय समिति बनाई गई है, लेकिन इस समिति के अब तक बयान और निरीक्षण में ही पूरी जांच सिमट गई है।
जांच में जिन आरोपितों के बयान दर्ज होने हैं और वे अब तक फरार है। इस पूरे फर्जीवाड़े में कई वेयरसंचालक, समिति से जुड़े सदस्यों के अलावा व्यापारियों के भी नाम सामने आए हैं। इधर ग्राम संकुल स्तरीय संगठन हटोली में स्टाक सत्यापन के बाद करीब पांच हजार तीन सौ क्विंटल की कमी पाई गई, जिसकी कुल राशि करीब एक करोड़ 39 लाख 19 हजार रुपये हैं, इसके आधार पर ही हर आरोपिताें को 13 लाख 91 हजार 906 रुपये का वसूली नोटिस दिया है।
मंगलवार को सभी 10 आरोपितों के खिलाफ फिर नोटिस जारी किए। इन्हें राशि जमा करने के लिए इस बार सात दिन की बजाए 15 दिन का समय दिया गया है। एक सितंबर तक आरोपितों को करीब 13 लाख 91 हजार की राशि जमा करनी थी, लेकिन आज दिनांक तक एक ने भी नहीं की।
जनकी उइके, तहसीलदार मझौली
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