
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: न्यू भेड़ाघाट रोड पर ललपुर गांव में नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन आइकानिक ब्रिज की सेंट्रिंग के दौरान संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ। बड़ी निर्माणाधीन रिंग रोड में शटरिंग का संतुलन बिगड़ने दौरान रविवार की रात गंभीर हादसा हो गया है। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई, वहीं 2 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा निर्माणाधीन ब्रिज के पिलर के ऊपर कांक्रीट डालने के लिए लोहे की सेंट्रिंग लगाई जा रही थी। इसी दौरान शटरिंग असंतुलित हुई और उस पर काम कर रहे तीन मजदूर नीचे आ गिरे। जिसमें एक मजदूर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि दो घायल हो गए।
घटना रात 8:30 बजे की बताई जा रही है। दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया गया। हादसे की खबर मिलते ही एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू सहित प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी भी पहुंच गए। विदित हो कि कुछ पूर्व भी जबलपुर-भोपाल के बीच एनएच 45 शहपुरा में बने पुल की मिट्टी बह गई थी।
हादसे में जिस श्रमिक की मौत हुई उसका नाम मुर्सलेम एस के पिता नुरुद्दीन एस के उम्र 35 निवासी चर कृष्णापुर खामेर जिला मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल बताया जा रहा है। जबकि घायलों में रसल एसके उम्र 22 निवासी चर कृष्णापुर खामेर जिला मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल और राजेश्वर सिंह पिता महेंद्र सिंह उम्र 21 निवासी छत्तीसगढ़ हैं।
मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि दोनों घायलों का उपचार किया जा रहा है। रसल एसके के दाहिने पैर, दाहिने हाथ और बायें घुटने में फैक्चर है व दूसरे श्रमिक राजेश्वर के दाहिने व बायें हाथ में फ्रैक्चर है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। फिलहाल एक्सरे एवं अन्य जांच चल रही हैं। बहरहाल मौके पर पहुंचे एसडीएम शहपुरा पुलिस के अधिकारी भी पहुंच गए थे।
निर्माण एजेंसी एनएचआई के प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार रविवार की रात 8.30 बजे के लगभग रिंग रोड के पैकेज 2 में ललपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन ब्रिज के पिलर में 60 फीट पर ऊंचाई पर सेंट्रिंग की ढलाई की जा रही थी। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ। रिंग रोड का यह दूसरा फेज है जिसमें 20.13 किमी मार्ग बनाया जाना है। रिंग रोड के पैकेज 2 में एनकेएस कंपनी निर्माण कार्य कर रही है। करीब 550 करोड़ की लागत से यह सड़क और ब्रिज का निर्माण हो रहा है।
सुरक्षा उपकरण की अनदेखी- ब्रिज पर ऊंचाई पर कार्य करने के दौरान सुरक्षा मापदंड की अनदेखी की जा रही थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर कार्य कर रहे मजदूर बगैर हेलमेट और सुरक्षा रस्सी बांधी ही कार्य कर रहे थे। हादसे के वक्त भी मजदूरों ने हेलमेट नहीं पहना था। इसके अलावा आपात स्थिति के लिए संसाधन नहीं थे। मौके पर प्रकाश की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। रात के वक्त मजदूरों को कम रोशनी में कार्य करवाया जा रहा था। जिस वजह से संभव है कि यह हादसा हुआ।
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नर्मदा नदी पर बन रहे आइकानिक ब्रिज की लंबाई करीब 750 मीटर है। पर्यटकों के लिए यह आकर्षण के लिहाज से तैयार किया जा रहा है। करीब 300 करोड़ की लागत से यह ब्रिज बनाया जा रहा है इसमें सबसे ऊपर रेस्टारेंट भी बनाया जाना है जहां पर्यटक बैठकर नर्मदा नदी का व्यू ले पाएंगे।
आइकानिक ब्रिज पर रोप वे के जरिए आवागमन की सुविधा होगी। ब्रिज के दोनों तरफ मीनार नुमा इमारत होगी जिस पर रेस्टारेंट होगा। ब्रिज के दोनों कोनो तक आवाजाही के लिए रोप वे लगाया जाएगा। पर्यटक इस रोव वे के माध्यम से नर्मदा के विहंगम द्श्य को देख पाएंगे। इसके अलावा खाने पीने और मनोरंजन की व्यवस्था भी होगी।
घटना के वक्त सुरक्षा मापदंड का पालन किया जा रहा था। हादसा निर्माणाधीन पिलर के ऊपर की सेंट्रिंग हिलने की वजह से हुआ है। घटना के वक्त तीन मजदूर कार्य कर रहे थे। कुछ देर में काम बंद होने वाला था। इसी बीच यह हादसा हो गया।
-अमृत लाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई