
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सरकारी विभागों में नौकरी और आवास दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह तक संजीवनी नगर पुलिस पहुंच गई है। मामले में मुख्य आरोपी धनीराम उर्फ धीरेंद्र सिंह ठाकुर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने मामले में धनवंतरी नगर निवासी दीपक महरोत्रा और दमोह निवासी सजल जैन को भी हिरासत में लिया है। मामले में लगातार नए पीड़ित सामने आ रहे हैं, जिनके आवेदन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
संजीवनी नगर थाना अंतर्गत नव निवेश कालोनी निवासी धनीराम सिंह ठाकुर स्वयं को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। वह सरकारी विभागों में अच्छी पहुंच और प्रभाव होने का दावा करता था।
इसी बहाने उसने कई लोगों को सरकारी नौकरी और आवास दिलाने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने किसी को आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, किसी को कार्यकर्ता, किसी को पंप अटेंडर, किसी को सिविल कोर्ट तथा स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने ज्योति थौराट से दो लाख रुपये, रजनी वैद्य से एक लाख 80 हजार रुपये, छाया उके से डेढ़ लाख रुपये, पिंकी विश्वे से एक लाख रुपये, आरती झारिया से 80 हजार रुपये, अभिलाषा प्रजापति से 50 हजार रुपये एवं संदीप रंगारे से 60 हजार रुपये वसूले। इसके अलावा कई अन्य लोगों से भी रकम ली गई।
पुलिस जांच में पता चला कि जाली नियुक्ति आदेश तैयार करने में धनवंतरी नगर निवासी दीपक महरोत्रा की भूमिका थी, जो कंप्यूटर सेंटर संचालित करता है। वहीं मूलत: दमोह निवासी सजल जैन नकली शासकीय सील तैयार करता था। आरोपी सजल अभी उखरी में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आर्थिक लेन-देन, फर्जी दस्तावेजों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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