• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

टीईटी परीक्षा को लेकर असमंजस, जबलपुर में अब तक शिक्षकों के लिए नियम स्पष्ट नहीं

जारी नियम पुस्तिका के अनुसार परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को 4 सितंबर तक आनलाइन आवेदन करना होगा। दो विषयों की परीक्षा के लिए अभ्यर्थिय...और पढ़ें

By Deepti MuleyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 11:03:22 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 11:03:22 PM (IST)
टीईटी परीक्षा को लेकर असमंजस, जबलपुर में अब तक शिक्षकों के लिए नियम स्पष्ट नहीं
स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य है। प्रतीकात्‍मक चित्र

HighLights

  1. 12 अक्टूबर से आनलाइन परीक्षा
  2. किसे छूट मिलेगी सूची जारी नहीं
  3. शिक्षकों की चिंता और बढ़ गई है

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए 12 अक्टूबर से आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा संचालन नियम पुस्तिका जारी कर दी है।

सरकार की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं

प्रदेश सरकार की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य है और किन्हें परीक्षा से छूट दी गई है। वहीं परीक्षा आनलाइन माध्यम से कराए जाने की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षकों की चिंता और बढ़ गई है।


कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए प्रशिक्षण नहीं

शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उनका कामकाज मुख्य रूप से पारंपरिक तरीके से संचालित होता रहा है। कक्षा में ब्लैक बोर्ड के माध्यम से पढ़ाने के बाद उन्हें एंड्रायड मोबाइल और विभिन्न ऑनलाइन प्रक्रियाओं का उपयोग करने के निर्देश दिए गए, जिसका उन्होंने धीरे-धीरे उपयोग शुरू किया। लेकिन कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए उन्हें अलग से प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। ऐसे में हजारों शिक्षक ऑनलाइन परीक्षा में किस तरह शामिल होंगे, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

4 सितंबर तक करना होगा आवेदन

कर्मचारी चयन मंडल की जारी नियम पुस्तिका के अनुसार परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को 4 सितंबर तक आनलाइन आवेदन करना होगा। दो विषयों की परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को कुल 2 हजार रुपये परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 9 सितंबर निर्धारित की गई है।

सोमवार से ऑनलाइन परीक्षा पद्धति के माध्यम से शुरू होगी

परीक्षा 12 अक्टूबर, सोमवार से ऑनलाइन परीक्षा पद्धति के माध्यम से शुरू होगी। नियमों के मुताबिक शिक्षकों को दो वर्ष की अवधि में परीक्षा में शामिल होने के लिए चार अवसर दिए जाएंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग का समय सुबह 8 से 9 बजे तक निर्धारित किया गया है।

पोर्टल शुल्क भी देना होगा

आनलाइन आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क के अलावा पोर्टल शुल्क भी देना होगा। कियोस्क के माध्यम से आनलाइन आवेदन करने पर 60 रुपये पोर्टल शुल्क, जबकि रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के माध्यम से लागिन कर आवेदन करने पर 20 रुपये पोर्टल शुल्क निर्धारित किया गया है। शिक्षकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वर्तमान में कार्यरत किन शिक्षकों को टीईटी में शामिल होना अनिवार्य है।

शिक्षकों को कंप्यूटर का नियमित उपयोग करने का अनुभव नहीं

साथ ही किन शिक्षकों को पूर्व में प्राप्त पात्रता, नियुक्ति अथवा अन्य प्रावधानों के आधार पर परीक्षा से छूट दी जाएगी, इसकी जानकारी भी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। सरकारी स्कूल में शिक्षकों से चर्चा करने पर सामने आया कि कई प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को कंप्यूटर का नियमित उपयोग करने का अनुभव नहीं है। कुछ शिक्षकों ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर तो दूर, माउस और की-बोर्ड के इस्तेमाल में भी कठिनाई होती है। ऐसे में अचानक कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बैठने को लेकर वे चिंतित हैं।

यह भी पढ़ें- शत प्रतिशत फीस वापसी योजना पर सुप्रीम कोर्ट का मध्‍य प्रदेश शासन को नोटिस