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जबलपुर के स्कूलों में पानी का संकट, मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, निगम आयुक्त से 2 सप्ताह में मांगा जवाब

कहीं महीनों से बोरिंग खराब है तो कहीं स्कूल के पास पानी की टंकी होने के बावजूद नल कनेक्शन नहीं दिया गया है। पानी की कमी से बच्चों को पीने के पानी के स...और पढ़ें

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 11:12:05 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 11:12:05 PM (IST)
जबलपुर के स्कूलों में पानी का संकट, मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, निगम आयुक्त से 2 सप्ताह में मांगा जवाब
कहीं बोरिंग खराब तो कहीं नल कनेक्शन नहीं।

HighLights

  1. कहीं बोरिंग खराब तो कहीं नल कनेक्शन नहीं
  2. मानवाधिकार आयोग ने माना अधिकार हनन
  3. पानी की कमी से प्रभावित हो रहा मध्याह्न भोजन

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के सरकारी स्कूलों में बच्चों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच कई स्कूलों में जल संकट सामने आया है। कहीं महीनों से बोरिंग खराब है तो कहीं स्कूल के पास पानी की टंकी होने के बावजूद नल कनेक्शन नहीं दिया गया है। पानी की कमी से बच्चों को पीने के पानी के साथ मध्याह्न भोजन बनाने और बर्तन धोने में भी परेशानी हो रही है।

मानव अधिकार आयोग ने निगमायुक्त से जवाब तलब किया

इसे मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान में लेते हुए निगमायुक्त से जवाब तलब किया है। मप्र मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सुभाष नगर के शासकीय प्राथमिक-माध्यमिक विद्यालय में करीब 200 बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां की बोरिंग कई महीनों से खराब पड़ी है।


कई दिक्कतों का करना पड़ रहा है सामना

वहीं करमेता के शासकीय माध्यमिक स्कूल में करीब 350 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल से महज 200 फीट की दूरी पर पानी की टंकी मौजूद है लेकिन अब तक स्कूल में नल कनेक्शन नहीं किया गया। इसी तरह भरतीपुर स्थित पेशकारी के शासकीय स्कूल परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में भी जलसंकट बना हुआ है। यहां करीब 70 बच्चे पढ़ते हैं। पानी की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को पेयजल की परेशानी के साथ ही मध्याह्न भोजन तैयार करने और बर्तन धोने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, निगमायुक्त से मांगी रिपोर्ट

जनहित में मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुए, अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकलपीठ ने प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों के हनन का मामला मानकर, जबलपुर के नगर निगम आयुक्त से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में तलब किया है।