
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कविता दक्षिणामूर्ति की रहस्यमय मौत मामले में दायर पुनरीक्षण याचिका पर शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई हुई। मृतका के पिता चेन्नई निवासी पी. दक्षिणामूर्ति की ओर से अधिवक्ता मनीष वर्मा, विनोद सिसोदिया व निधि सोनकर ने पक्ष रखा।
उन्होंने मृतका के पति सेना के मेजर एम नागार्जुन की ओर से पुनः समय मांगे जाने का विरोध किया। अदालत ने अगली सुनवाई 25 जुलाई को निर्धारित की।
इसी प्रकरण में हाई कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग संबंधी याचिका भी विचाराधीन है। सबसे खास बात यह कि कविता के पिता द्वारा इस मामले को भोपाल के त्विषा शर्मा कांड से जोडकर उच्च स्तरीय जांच पर बल दिया जा रहा है।
- दो मार्च 2025 को विवाह, 10 जून 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
- पति एम. नागार्जुन, ससुर ओम पी गणपति और सास ओम प्रेमलता पर दहेज प्रताड़ना व हत्या का आरोप।
- शादी में 100 तोला सोना, 20 लाख रुपये का हीरों का हार सहित अन्य उपहार दिए जाने का दावा।
बाथरूम में गिरने के बाद दो घंटे 39 मिनट तक अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया, जबकि मिलिट्री अस्पताल गेस्ट हाउस से मात्र पांच मिनट दूर था। पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक को मृत्यु का कारण बताए जाने पर भी सवाल उठाए गए। पुनरीक्षण में एफआइआर दर्ज कर निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।