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झाबुआ में रामजी के पहुंचने से पहले ही जल उठा रावण, आतिशबाजी की चिंगारी बनी वजह

झाबुआ के थांदला में दशहरा उत्सव के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। तयशुदा नियमों और परंपराओं से उलट, भगवान रामजी की सवारी के मैदान तक पहु...और पढ़ें

By vishal anand chhatiyeEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Wed, 21 Oct 2026 07:42:16 AM (IST)Updated Date: Wed, 21 Oct 2026 07:42:16 AM (IST)
झाबुआ में रामजी के पहुंचने से पहले ही जल उठा रावण, आतिशबाजी की चिंगारी बनी वजह
थांदला में जल उठा रावण। -नईदुनिया

HighLights

  1. भगवान रामजी की सवारी के मैदान तक पहुंचने से पहले ही रावण का पुतला जल गया
  2. रावण दहन से पहले मैदान में आतिशबाजी की जा रही थी
  3. अचानक एक चिंगारी उड़कर सीधे रावण के पुतले पर जा गिरी

नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ : झाबुआ के थांदला में दशहरा उत्सव के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। तयशुदा नियमों और परंपराओं से उलट, भगवान रामजी की सवारी के मैदान तक पहुंचने से पहले ही रावण का पुतला जलकर खाक हो गया।

रावण दहन से पहले मैदान में आतिशबाजी की जा रही थी। इसी दौरान अचानक एक चिंगारी उड़कर सीधे रावण के पुतले पर जा गिरी और चिंगारी इतनी तेज थी कि कुछ ही पलों में पूरा पुतला धू-धू कर जल उठा।


भीड़ में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना

घटना के समय भगवान रामजी की सवारी शहर के बाजार से गुजर रही थी और अभी दशहरा मैदान तक पहुंची भी नहीं थी। अचानक पुतला जलने से मैदान में मौजूद भीड़ में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसे बाद में आयोजकों ने संभाल लिया।

असत्य पर सत्य की जीत का यह पर्व बिना रामजी के तीरों के ही पूरा हो गया

परंपरा के अनुसार रामजी की सवारी के मैदान में पहुंचने और तीर चलाने के बाद ही रावण दहन किया जाता है। समय से पहले रावण जल जाने को स्थानीय लोग आयोजकों की बड़ी चूक मान रहे हैं। बहरहाल, असत्य पर सत्य की जीत का यह पर्व बिना रामजी के तीरों के ही पूरा हो गया।

पुतले को चारों ओर से प्लास्टिक से ढंककर रखा था

आलीराजपुर : जिले भर में विजयादशमी का पर्व मंगलवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। शाम को स्थानीय फतेह क्लब मैदान पर परंपरागत रावण दहन किया गया।दहन से पूर्व बादल छाए होने के कारण नगर पालिका कर्मचारियों ने पुतले को चारों ओर से प्लास्टिक से ढक कर रखा था। 35 फीट ऊंचे बुराई के प्रतीक रावण के पुतले में आग लगाते ही वह धू-धू कर जल उठा।

इस दौरान फतेह मैदान पर हजारों लोग इस पल के साक्षी बने। दहन होते ही मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। पुतला दहन के बाद सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।रावण दहन देखने का उत्साह ऐसा था कि शाम 4 बजे से ही लोग अपने परिजनों के साथ मैदान में एकत्रित होना शुरू हो गए थे।इसके पूर्व कालका माता मंदिर से रथ पर माताजी की मूर्ति पहले दशहरा मैदान ले जाई गई।

वहां पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा शाम 7 बजे फतेह क्लब मैदान पहुंची। माता जी की आरती नगर पालिका अध्यक्ष सेना पटेल और एसपी रघुवंश सिंह ने की। आरती से पूर्व नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा आसमान में रंगारंग आतिशबाजी की गई।सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस जवान तैनात रहे। जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के निर्देश पर यातायात पुलिस ने दहन के दौरान कुछ देर के लिए खंडवा-बड़ौदा मार्ग को रोक दिया था।इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नगरवासी मौजूद रहे।

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