
नईदुनिया प्रतिनिधि, सारंगी/पेटलावद (झाबुआ)। झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील अंतर्गत सारंगी उप-तहसील कार्यालय में गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया। लोकायुक्त की टीम ने फार्मर आईडी पर जमीन का सर्वे नंबर दर्ज कराने के एवज में 2,000 रुपये की अवैध रिश्वत लेते हुए हल्का पटवारी संजय अमलियार को रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई से राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक पुनिया भूरिया अपनी कृषि भूमि के सर्वे नंबर को फार्मर आइडी पर दर्ज कराने के लिए काफी समय से परेशान हो रहे थे। आरोप है कि इस कार्य को पूरा करने के लिए हल्का पटवारी संजय अमलियार द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। पटवारी के अड़ियल रवैये से परेशान होकर आवेदक ने इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (इंदौर) को दर्ज कराई थी।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की प्राथमिक जांच व सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में लोकायुक्त की एक विशेष टीम गठित कर ट्रैप की योजना बनाई गई।
30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को लोकायुक्त टीम सारंगी उप-तहसील कार्यालय पहुंची। जैसे ही आवेदक पुनिया भूरिया ने उप-तहसील कार्यालय के मीटिंग हाल में पटवारी संजय अमलियार को 2,000 रुपये थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
कार्रवाई के दौरान जब लोकायुक्त टीम ने आरोपित पटवारी के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए, तो उनका रंग तुरंत गुलाबी हो गया। इससे रिश्वत की राशि स्वीकार करने की रंगे हाथों पुष्टि हो गई।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित पटवारी संजय अमलियार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मौके पर जब्ती व पंचनामे की वैधानिक कार्रवाई देर तक जारी रही।
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सारंगी उप-तहसील कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद पेटलावद व आसपास के राजस्व महकमे में दिनभर यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नामांतरण, फौती और फार्मर आईडी जैसे छोटे-छोटे कामों के लिए आम किसानों को लंबे समय से चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों में डर का माहौल है।