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कटनी में 15 साल बाद स्लीमनाबाद नर्मदा सुरंग का निर्माण पूरा, टनल बोरिंग मशीन आखिरी छोर पर पहुंची, विंध्य के 5 जिलों को मिलेगा पानी

लंबे इंतजार के बाद नर्मदा जल को जबलपुर से विंध्य क्षेत्र तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।

By Mukesh TiwariEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 09:21:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Jul 2026 09:21:14 PM (IST)
कटनी में 15 साल बाद स्लीमनाबाद नर्मदा सुरंग का निर्माण पूरा, टनल बोरिंग मशीन आखिरी छोर पर पहुंची, विंध्य के 5 जिलों को मिलेगा पानी
स्लीमनाबाद नर्मदा सुरंग का निर्माण पूरा

HighLights

  1. 12 किमी लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण लगभग पूरा, 15 साल का इंतजार खत्म
  2. विदेशी मशीन मंगलवार तक बाहर आएगी, डेढ़ माह बाद नहर में छोड़ा जाएगा नर्मदा जल
  3. परियोजना से छह जिलों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ

नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। करीब 15 साल के लंबे इंतजार के बाद नर्मदा जल को जबलपुर से विंध्य क्षेत्र तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। कटनी जिले के स्लीमनाबाद में बनाई जा रही 12 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनबीडीए) के अनुसार मंगलवार दोपहर तक सुरंग निर्माण में लगी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सीमेंटेड कुएं तक पहुंच जाएगी। इसके बाद नर्मदा जल के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो जाएगा।

एनबीडीए के एसडीओ दीपक मंडलोई ने बताया कि मशीन को बाहर निकालने की प्रक्रिया में करीब डेढ़ माह का समय लगेगा। इसके बाद नहर में पानी छोड़ा जा सकेगा।

समय-सीमा कई बार बढ़ाई गई समयसीमा

इस परियोजना का काम वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। सलैया फाटक से खिरहनी गांव तक पहाड़ों को चीरकर बनाई गई सुरंग के डाउन स्ट्रीम का कार्य पहले ही पूरा हो चुका था। अप स्ट्रीम का काम वर्ष 2025 के अंत तक पूरा होना था, लेकिन समय-सीमा कई बार बढ़ाई गई।


799 करोड़ से बढ़कर 1500 करोड़ पहुंची लागत

परियोजना की शुरुआती लागत 799 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर लगभग 1500 करोड़ रुपये हो गई। अमेरिका और जर्मनी से मंगाई गई अत्याधुनिक मशीनों को बाहर निकालने के लिए एनबीडीए ने 100 फीट गहरा सीमेंटेड कुआं तैयार कराया है। मशीनों को खोलकर उनके कल-पुर्जे क्रेन की मदद से बाहर निकाले जाएंगे। सुरंग में बिछाई गई पटरी और अन्य सामग्री भी हटाई जाएगी।

पांच जिलों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

बरगी दायीं तट परियोजना के तहत 197 किलोमीटर लंबी नहर के माध्यम से नर्मदा का पानी जबलपुर से विंध्य क्षेत्र तक पहुंचेगा। इस परियोजना से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर और रीवा के अलावा पन्ना जिले के कुछ गांवों की करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

इनका कहना है -

नर्मदा दायीं तट नहर परियोजना में स्लीमनाबाद के पास बनाई जा रही टनल का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। सोमवार को सिर्फ छह मीटर का कार्य शेष था और मंगलवार तक उसको पूरा कर दिया जाएगा। उसके बाद मशीन बनाए गए कुएं तक पहुंचेंगी और उनको खोलकर बाहर निकालने का कार्य शुरू किया जाएगा। वर्षाें से नर्मदा जल को आगे तक पहुंचाने का मार्ग टनल निर्माण के साथ ही पूरा हो जाएगा।

दीपक मंडलोई,एसडीओ, एनबीडीए

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