
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। कुठला थाना क्षेत्र में हत्या के एक मामले में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर लगे आरोपों की जांच आइजी जबलपुर स्तर से कराई जा रही थी। जांच के बाद वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर सीएसपी सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड़यंत्र, अपराधी को बचाने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप हैं कि सीएसपी ने हत्या के आरोपित की एक करोड़ की जमीन की रजिस्ट्री करीबी के नाम पर कराई और सिर्फ 18 लाख रुपये ही दिलवाए।
कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा में युवक झब्बू कोल की हत्या हुई थी। इस मामले रमेश लोधी आरोपित था। पुलिस ने जांच के दौरान निर्धारित समय सीमा में विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल नहीं की।
आरोप हैं कि सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने आरोपित को बचाने के नाम पर 15 अप्रैल को दबाव बनाकर रमेश लोधी की खसरा नंबर 2618/1 की जमीन की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम पर 18 लाख 20 हजार में करा दी। रमेश लोधी को 15 लाख का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए। जमीन का शासकीय गाइडलाइन 82 लाख 86 हजार 930 रुपये बताई गई है।
रमेश का कहना था कि जमीन का सौदा करीब एक करोड़ सात लाख में हुआ था। बाकी की राशि लगभग 92 लाख का भुगतान नहीं किया गया। रमेश लोधी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया जिसमें कहा गया था कि सीएसपी सहित थाना प्रभारी ने उसकी जमीन कम कीमत पर अपने खास व्यक्ति को विक्रय करा ली। इस बीच पुलिस ने हत्या के मामले में रमेश लोधी और उसके दामाद को जेल भिजवा दिया।
मामला सामने आने के बाद आइजी जबलपुर प्रमोद कुमार वर्मा ने एएसपी अनु बेनीवाल को मामले की जांच सौंपी थी। उसी के आधार पर कुठला थाना में सीएसपी सहित मारूफ अहमद हनफी और क्षितिज राज बारापत्रे को आरोपित बनाया है। क्षितिज राज के खातों से 15 लाख से संबंधित बैंक लेन-देन सामने आया है।
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