कटनी में ट्रेन से उतारे गए 160 मुस्लिम बच्चों को वापस भेजा जाएगा बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में ले जाया जा रहा था
कटनी में पटना-पुणे एक्सप्रेस से उतारे गए 160 मुस्लिम बच्चों को एक-दो दिन में ट्रेन से वापस बिहार भेजा जाएगा। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 20 Apr 2026 11:47:46 AM (IST)Updated Date: Mon, 20 Apr 2026 12:05:56 PM (IST)
कटनी में ट्रेन से मुस्लिम बच्चों को उतारा गया था। - फाइल फोटोHighLights
- सात से 15 साल के बच्चे एक सप्ताह से कटनी-जबलपुर के बाल सुरक्षा गृह में, 15 की रिपोर्ट आना बाकी
- बाल कल्याण समिति और जीआरपी की निगरानी में रवाना होंगे, अररिया सीडब्ल्यूसी को सौंपे जाएंगे बच्चे
- नांदेड़-लातूर गई पुलिस टीम लौटी, मदरसों की जांच में नहीं मिला नया सुराग, शिक्षक बोले- धार्मिक शिक्षा के लिए ले जा रहे थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। बिहार के अररिया से लातूर व नांदेड़ सहित अन्य मदरसों में ले जाए जा रहे बच्चे एक सप्ताह से कटनी और जबलपुर के बाल सुरक्षा गृह में हैं। इनमें से अब तक तीन बच्चों को बिहार वापस भेजा गया है। बिहार के अररिया प्रशासन से 15 बच्चों की सामाजिक जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
इसके बाद एक-दो दिन में बाकी बचे 160 बच्चों को ट्रेन से वापस बिहार भेजा जाएगा। बाल कल्याण समिति और कटनी-जबलपुर जीआरपी की निगरानी में ये बच्चे रवाना किए जाएंगे और इन्हें अररिया की बाल कल्याण समिति को सौंपा जाएगा। बाल कल्याण समिति ने रेलवे के अधिकारियों को बोगियां उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया है।
आठों शिक्षकों को छोड़ा गया
कटनी जीआरपी ने 12 अप्रैल की रात को पटना-पुणे एक्सप्रेस से मुस्लिम बच्चों को रोका था। बच्चों की उम्र सात से 15 वर्ष के बीच थी। आठ शिक्षकों पर मानव तस्करी का मामला दर्ज हुआ था। आठों से कई बार पूछताछ हुई है। हालांकि वे महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में धार्मिक शिक्षा दिलाने की बात दोहराते रहे।
शनिवार को शिक्षक सद्दाम, अमान उल्ला, मो. जाहिर, आमिर खान, हाफिज अबू तालिम, मो. इस्लाम, नौसाद और राशिद को छोड़ दिया गया है। महाराष्ट्र के नांदेड़ और लातूर गई दो पुलिस टीमें भी वापस आ चुकी हैं। टीमों ने मदरसों में जानकारी जुटाने के साथ दस्तावेज देखे हैं, जिसमें कोई नया सुराग सामने नहीं आया है।