
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ करोड़ों रुपये की जमीन को कथित तौर पर कम कीमत में खरीद-फरोख्त करने, हत्या के आरोपित को जमानत दिलाने में मदद करने और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोपों को लेकर कुठला थाने में एफआईआर दर्ज है।
मामले में मारूफ अहमद हनफी के बेटे और कांग्रेस पार्षद मौसूफ अहमद का नाम भी जमीन की खरीद-फरोख्त से जोड़कर जांच कराने जहां भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन दिया था तो वहीं इंटरनेट मीडिया पर भी इस संबंध में पोस्ट की गई।
पार्षद का नाम मामले में जोड़ने व जानकारी पोस्ट करने को लेकर उनकी नजदीकी रूई बाजार निवासी आशीष जैन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है, जिसमें कांग्रेस पार्षद की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
मामले में उनके खिलाफ पोस्ट करने और सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग याचिका के माध्यम से की गई है। याचिका में मौसूफ का नाम प्रकरण में उछाले जाने पर मप्र शासन, डीजीपी, एसपी, कुठला थाना प्रभारी सहित सोशल मीडिया के प्लेटफार्म की विभिन्न कंपनियों को भी पार्टी बनाया गया है।
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया पुलिस की पकड़ से दूर है। सीएसपी सहित उनके करीबी क्षितिज राज व मारूफ अहमद के खिलाफ कुठला थाने में मामला दर्ज हुए 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक तीनों में से किसी को भी पकड़ा नहीं जा सका।
बहुचर्चित जमीन की सौदेबाजी और भ्रष्टाचार के मामले में फरार निलंबित सीएसपी की तलाश में मंगलवार को टीम राजगढ़ जिले के पचोर स्थित सीएसपी के गृह ग्राम पहुंची, लेकिन वहां भी पुलिस को सीएसपी का कोई सुराग नहीं मिला। टीम ने स्वजनों से जानकारी ली और उसके बाद खाली हाथ वापस लौट आई।
दूसरी तरफ इसी मामले से जुड़े हत्या के आरोप में झिंझरी जेल में कैद रमेश लोधी को एसआइटी जिला न्यायालय लेकर पहुंची, जहां पर उसके कथन दर्ज कराए गए। सीएसपी की जिला अदालत से अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद भी पुलिस अब तक तीनों आरोपितों तक नहीं पहुंच सकी है। मामले में पुलिस ने सीएसपी सहित तीनों आरोपितों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया और लुक आउट नोटिस भी जारी कर दिया है।
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