
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। दुर्घटना, गंभीर बीमारी में लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निशुल्क एम्बुलेंस 108 जिले में हमेशा से चर्चाओं में रही है। ऐसे ही जिला अस्पताल का एक शर्मसार करने वाला वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आया है। इसमें पति के घायल होने पर उसे इलाज के लिए साथ में आई पत्नी से एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने वाहन में गंदगी हो जाने के कारण पहले उसकी सफाई कराई।
इस बीच अस्पताल के अंदर उसका पति दर्द से कराहता रहा, लेकिन कर्मचारियों ने पहले वाहन साफ कराया और उसके बाद उसे जाने दिया। मानवता को शर्मसार करने वाला यह वीडियो इंटरनेट मीडिया में सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराने और कार्रवाई की बात कही है।
बरही से पति को लेकर आई थी महिला
बताया जाता है कि बरही थाना क्षेत्र के करेला गांव निवासी राहुल बर्मन नामक युवक का शुक्रवार को एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसे गंभीर चोट आई थीं। बरही अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद राहुल को गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। उसकी पत्नी शालू बर्मन उसे एम्बुलेंस 108 क्रमांक सीजी 04, एनवी 6385 के माध्यम से कटनी जिला अस्पताल देर शाम लेकर पहुंची थी।
रास्ते में घायल राहुल को उल्टी हो गई और इसके चलते खिड़की और अंदर की ओर वाहन गंदा हो गया था। राहुल को अस्पताल में उतारने के बाद उसे ओपीडी में भर्ती कराया गया। इस बीच एम्बुलेंस में पदस्थ एमटी मोहित ने महिला को वाहन की सफाई करने को कहा। अंदर पति दर्द से कराह रहा था और कर्मचारी के कहने पर बाहर पत्नी एम्बुलेंस की सफाई कर रही थी।
महिला ने कहा- कर्मचारी के कहने पर की सफाई
महिला का एम्बुलेंस की सफाई करते हुए वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें उसने खुद कहा है कि एम्बुलेंस के कर्मचारी के कहने पर वह वाहन को साफ कर रही है और उसके पति का एक्सीडेंट हुआ है, जिसको लेकर वह अस्पताल आई है। पति अंदर भर्ती है।
महिला के एम्बुलेंस की सफाई करते हुए वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। जिला अस्पताल में मरीज को लाने के दौरान खून या अन्य कारण से वाहन के गंदा होने पर स्वजनों से ही साफ कराने के मामले पूर्व में भी सामने आ चुके हैं, लेकिन जांच-कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति होती रही है।
निजी अस्पताल ले जाने का भी खेल
एम्बुलेंस 108 से कटनी अस्पताल से रेफर होने वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराने की जगह कमीशन के चलते निजी अस्पतालों में भर्ती कराने के मामले भी पूर्व में सामने आते रहे हैं। डेढ़ साल पूर्व सिहोरा थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना के घायलों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए कटनी की एम्बुलेंस 108 बुलवाई गई थी।
इसमें पदस्थ स्टाफ ने दो घायलों को मेडिकल कॉलेज ले जाने की जगह निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था। जबलपुर के तत्कालीन कलेक्टर ने यह मामला पकड़ा था और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके आधार पर कटनी में पदस्थ स्टाफ के दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन कुछ माह बाद उन्हें फिर से काम पर लगा दिया गया था।
इनका क्या कहना है
एम्बुलेंस को साफ कराने का मामला संज्ञान में आया है। एम्बुलेंस 108 के प्रबंधन को इस संबंध में पत्र लिखेंगे। मामले को लेकर जांच कराने के साथ ही आगे से ऐसा न हो, इसको लेकर संबंधितों को कहा जाएगा।
— डॉ. यशवंत वर्मा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
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