
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। हरसूद थाना क्षेत्र के धारूखेड़ी गांव के पास भेड़ चरवाहों और पारदी समाज के लोगों के बीच विवाद के बाद करीब 24 भेड़ों की मौत का मामला सामने आया है। भेड़ चरवाहों ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान पारदी समाज के लोगों ने धारदार हथियारों से भेड़ों पर हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें तीन लोगों के घायल होने की जानकारी है।
जानकारी के अनुसार, धारूखेड़ी गांव के पास पारदी समाज के कुछ लोग डेरा बनाकर रह रहे हैं। इसी दौरान भेड़ चरवाहे अपनी भेड़ों को लेकर वहां पहुंचे। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
चरवाहों का आरोप है कि विवाद के दौरान भेड़ों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। इसमें करीब 24 भेड़ों की मौत हो गई। घटना से नाराज चरवाहे हरसूद-भोपाल मार्ग पर पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। उन्होंने चक्काजाम करने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी और सड़क पर जाम नहीं लगने दिया।
मारपीट में दोनों पक्षों से तीन लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें पारदी समाज का एक व्यक्ति और भेड़ चरवाहों की ओर से दो लोग शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए हरसूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
सूचना मिलते ही हरसूद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल में एसआई चंद्रशेखर कड़े, एएसआई ज्ञानसिंह गौड़, चिंतामन उइके, हेड कांस्टेबल हरिप्रसाद, कांस्टेबल अनिल मेहरा और 112 के पायलट सतीश सोनी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। दोनों पक्षों के आरोपों और भेड़ों की मौत के वास्तविक कारण की जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यह भी पढ़ें- एमपी में जनसुनवाई में 'डॉग' की एंट्री, अधिकारियों पर भौंका, एडीएम को आवेदन भी दिया