
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। छात्रावास-आश्रमों के बच्चों को आए दिन सड़क पर निकलकर आना व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इसके पीछे छात्रावासों में सुविधाओं की कमी व अन्य समस्याओं के साथ ही कर्मचारियों की आपसी राजनीति भी है। और कई बार बच्चे इस राजनीति का शिकार हो रहे हैं।
अब मंगलवार को मेनगांव स्थित कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास की करीब 250 छात्राएं राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं का यह आक्रोश छात्रावास अधीक्षिका अंकिता खोड़े को निलंबित किए जाने के विरोध में था।
छात्राओं ने पहले तो मांग की कि अधीक्षिका को गलत तरीके से हटाया गया है, इसलिए मामले की पुनः जांच करवाई जाए और उन्हें बहाल किया जाए। वहीं, जब जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त ने छात्राओं को पूरी स्थिति से अवगत करवाया और अधीक्षिका के निलंबन के कारण बताए तो छात्राओं ने अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग की।
मंगलवार सुबह रैली के रूप में निकली छात्राओं को रास्ते में प्रशासनिक अधिकारियों ने रोकने और समझाने का प्रयास किया। छात्राएं प्रभारी कलेक्टर रेखा राठौर से मिलने की जिद पर अड़ी रहीं और पैदल ही कलेक्ट्रेट पहुंचीं।
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मामले में एसडीएम सत्येंद्र बैरवा ने बताया कि आर्थिक अनियमितताओं और वित्तीय गबन के आरोपों के चलते अधीक्षिका अंकिता खोड़े को निलंबित किया गया है। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि निलंबन एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। एसडीएम ने छात्राओं से अपील की कि वे अपना ध्यान पढ़ाई में लगाएं।