
नईदुनिया प्रतिनिधि, टांडा बरुड़/खरगोन। हरतालिका तीज पर्व पर रबड़ी का सेवन करने के बाद टांडा बरुड़ ग्राम में करीब 40 लोग खाद्य विषाक्तता के शिकार हो गए। एक के बाद एक लोगों के उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही चिकित्सक और स्टाफ ने तत्काल पीड़ितों का उपचार शुरू किया। इस घटना में एक गर्भवती महिला और एक वृद्ध व्यक्ति की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया।
उपचाररत, पीड़ितों में शामिल लक्ष्मी बाई ने बताया कि उन्होंने गांव के बस स्टैंड पर संचालित पवन कैशव श्रीवास्तव के होटल से रबड़ी खरीदी थी। इस रबड़ी का सेवन करने के कुछ समय बाद ही उन्हें उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें शुरू हो गईं।
यह समस्या केवल लक्ष्मी बाई तक सीमित नहीं थी। मदन कुमरावत, सुनीता भावसार, मोनिका कुंदन राठौर और संजय कुमरावत सहित कई अन्य लोगों ने भी उसी होटल से खरीदी गई रबड़ी खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की शिकायत की है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 लोग उपचार के लिये खरगोन के निजी अस्पताल भी गए। उल्लेखनीय है कि त्योहारी सीजन में गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री बिक्री के लिये खाद्य विभाग की टीम ने गांव-गांव निरीक्षण कर सैंपलिंग की थी, लेकिन ग्राम में यह मामला सामने आने के बाद विभाग की कार्रवाई महज औपचारिकता साबित होती नजर आ रही है।
यह भी पढ़ें- सोशल मीडिया पर रिश्तेदारों ने डाले फोटो-वीडियो, तो खुला बाल विवाह का राज, इंदौर में दूल्हे और माता-पिता समेत 9 पर FIR
चिकित्सक जय पाटीदार ने बताया फूड पॉइजनिंग से पीड़ित करीब 40 ग्रामीण अस्पताल पहुंचे थे। प्रभावितों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। स्वास्थ्य केंद्र में अचानक इतने सारे मरीजों के पहुंचने से वहां देर रात तक गहमागहमी बनी रही। गर्भवती महिला और बुजुर्ग को खरगोन रेफर किया है। खाद्य विभाग को भी सूचना दी है।