बचपन का अधूरा सपना 62 की उम्र में सच, पोती के साथ बैठकर पढ़ीं दादी, अब अपना नाम खुद लिखेंगी बसु बाई
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 62 वर्षीय बसु रघु गांगले ने 62 साल की उम्र में परीक्षा देकर सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि कि वे रोज शाम को पोत ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 15 Mar 2026 01:24:30 AM (IST)Updated Date: Sun, 15 Mar 2026 04:44:22 AM (IST)
62 साल की दादी ने पोती के साथ दी परीक्षाHighLights
- 62 साल की दादी ने पोती के साथ दी परीक्षा
- बसु रघु ने अक्षर ज्ञान सीखकर समाज को दी नई सीख
- कसरावद में 5,920 नवसाक्षरों ने दी परीक्षा
नईदुनिया प्रतिनिधि, कसरावद। “जब पढ़े-लिखे लोगों को लिखते-बोलते देखती थी तो बचपन में स्कूल नहीं जा पाने का दर्द हमेशा मन में रहता था। लेकिन मेरी पोती ने कहा कि अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा, कोशिश करोगी तो अक्षर ज्ञान सीख जाओगी। अब अंगूठा नहीं लगाना पड़ेगा, अपना नाम खुद लिख पाओगी।” यह बात वार्ड क्रमांक 15 निवासी बसु रघु गांगले (62) ने कही, जो अपनी पोती पूजा गांगले के साथ नवभारत साक्षरता अभियान की परीक्षा देने पहुंचीं।
पोती के साथ बैठकर पढ़ाई करती थीं दादी
दादी ने बताया कि वे रोज शाम को पोती के साथ बैठकर पढ़ाई करती थीं। पोती के प्रोत्साहन और सहयोग से अब वे पढ़ना-लिखना समझने लगी हैं और हस्ताक्षर भी कर लेती हैं। विकासखंड कसरावद में उल्लास-नवभारत साक्षरता अभियान के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा विकासखंड की 83 ग्राम पंचायतों के 378 लोक शिक्षा केंद्रों पर हुई। परीक्षा में 5,920 नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने भाग लिया।
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शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ परीक्षा का संचालन
परीक्षा का संचालन 818 अक्षर साथियों की देखरेख में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। ब्लॉक स्रोत समन्वयक राजाराम कांदोडे, प्रभारी अजय कर्मा, बीएसी मुकेश यादव, परमानंद पठौते, नरेंद्र पाटीदार और कमलेश पाटीदार के साथ जनशिक्षक रुपेश कानूनगो, संतोष एसके, मोहन बागदरे, अमित दुबे और अमित जैन, शिक्षिका भगवती बागदरे, राधेश्याम वर्मा, मोहन यादव आदि मौजूद रहे।