
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। मेडिकल व्यवसायियों की देशव्यापी हड़ताल के तहत जिला मुख्यालय पर केमिस्ट एसोसिएशन ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और सदस्य प्रधानमंत्री की इंधन बचाव की अपील को देखते हुए तांगे, ई-रिक्शा और ई बाइक से ज्ञापन सौपने कलेक्ट्रेट पहुंचे।
इस दौरान पदाधिकारियों ने नारा लगाया कि 'हम सरकार के साथ, सरकार दे हमारा साथ'। संगठन पदाधिकारी और सदस्यों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर दवाई के ऑनलाइन व्यापार को बंद किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सोपा।

ज्ञात हो कि एआईओसीडी (आल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस) के आव्हान पर बुधवार को जिले के भी सभी मेडिकल व्यवसायी हड़ताल पर रहे। ऑनलाइन दवाई बिक्री बंद करने, कार्पोरेटस द्वारा दवाईयों पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट को बंद करने और नकली दवाओं पर प्रतिबंध लगाने सहित कोविड के समय लागू की गई व्यवस्था को वापस लेने की मांग को लेकर यह हड़ताल की गई।

जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने भी इसी तारतम्य में बैठक कर जिले के सभी 600 मेडिकल दुकान संचालकों के इस हड़ताल में शामिल होने की बात कही है। साथ ही कहा गया है कि हमारा उद्देश्य आमजन को परेशान करना नहीं है। बुधवार को हॉस्पिटल-नर्सिंग होम्स की मेडिकल दुकानें इमरजेंसी मरीजों के लिए चालू रही।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष लोकेंद्र छाजेड़ ने बताया कि उक्त विरोध सिर्फ दवाईयों की होलसेल व रिटेल दुकान संचालकों के लिए नहीं है बल्कि यह आमजन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भी है। आमजन के स्वास्थ्य जैसे गंभीर मामले में आनलाइन दवाईयों के कई नुकसान हैं। दुकानों पर प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा तय नियमों की जांच होती है जबकि इस मामले में ऑनलाइन व्यापार पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।

हम डॉक्टर के पर्चे को भी जांच कर दवाईयां देते हैं, ऐसे में ऑनलाइन फार्मेसी चलाने वाले अब किसी डॉक्टर को बैठाकर मोबाइल पर ही बात कर पर्चे बनवाते हैं। यह खतरनाक हो सकता है। वहीं अन्य मामलों में भी हमारे वरिष्ठ नागरिक व महिलाएं आदि फ्राड के शिकार होते हैं, ऐसे में मरीजों के आनलाइन शापिंग आदि में फ्राड की आशंका बनी रहती है।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी से कई परेशानियां हैं। इसमें डॉक्टर की फर्जी पर्ची, एआई से बनाई गई पर्ची आदि का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित दवाएं भी बगैर भौतिक सत्यापन के आमजन तक पहुंच रही हैं। एंटीबायोटिक्स का भी बगैर तय मापदंडों के उपयोग हो रहा है। जबकि प्रधानमंत्री खुद एंटी माइक्रोबियल रजिस्टेंस पर चिंता जता चुके हैं।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव शैलेष महाजन ने कहा कि देशभर के करीब 12.50 परिवार मेडिकल व्यवसाय पर आधारित हैं। उन सब पर संकट के साथ ही यह आमजन के लिए खतरा है। वर्तमान में एक दिवसीय प्रदर्शन किया जा रहा है। यदि मांगें नहीं मानी गई तो भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है।