क्या बदल जाएगा रीवा- इतवारी एक्सप्रेस का नाम? लोगों ने इसको लेकर रखी डिमांड
हरे माधव दरबार साहिब, जो मध्य भारत का एक अत्यंत प्रसिद्ध सिद्धतीर्थ स्थल है, आज देशभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 13 Apr 2026 05:59:51 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Apr 2026 05:59:51 PM (IST)
रीवा- इतवारी एक्सप्रेस का नाम बदलने की मांगHighLights
- रीवा–इतवारी एक्सप्रेस का नाम बदलने की मांग
- हरे माधव दरबार साहिब से जुड़ी आस्था
- श्रद्धालुओं और सिंधी समाज की पहल
नईदुनिया न्यूज, नैनपुर। मध्यप्रदेश की पुण्यभूमि पर स्थित हरे माधव दरबार साहिब, जो मध्य भारत का एक अत्यंत प्रसिद्ध सिद्धतीर्थ स्थल है, आज देशभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां प्रतिवर्ष दूर-दूर से आने वाले भक्तजन श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के साथ नतमस्तक होते हैं।
इसी गहरी आस्था और जनभावनाओं को सम्मान देने हेतु रीवा से इतवारी के मध्य संचालित रीवा–इतवारी एक्सप्रेस का नाम ‘हरेमाधव एक्सप्रेस’ किए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।
क्या है लोगों का मानना
श्रद्धालुओं का मानना है कि हरे माधव दरबार साहिब, सर्वकला समरथ सतगुरु बाबा माधवशाह साहिब जी की तपोभूमि है, जो केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, विश्वास और मानवता के संदेश का केंद्र है। ऐसे महान संत के नाम पर इस महत्वपूर्ण रेलगाड़ी का नामकरण किया जाना करोड़ों भक्तों की भावनाओं का सच्चा सम्मान होगा।
उल्लेखनीय है कि जबलपुर से कटनी के मध्य स्थित माधवनगर रोड रेलवे स्टेशन का नाम भी बाबा माधवशाह साहिब जी की प्रेरणा से जुड़ा हुआ है, जो इस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करता है।
अनुयायी एवं सिंधी समाज लगातार मांग कर रहा
सतपुड़ा रेल संघर्ष समिति नैनपुर के सचिव प्रेम आसवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले पांच से छह वर्षों से बाबा जी के अनुयायी एवं सिंधी समाज लगातार यह मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि समाज की आस्था, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि रीवा इतवारी एक्सप्रेस का नाम ‘हरेमाधव एक्सप्रेस’ रखा जाता है, तो इससे न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को सम्मान मिलेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।