आंगनबाड़ी केंद्र में चूहा मारने की दवा खाने से 5 बच्चे बीमार, सभी को मंडला के जिला अस्पताल में कराया भर्ती
मंडला के मोहगांव जनपद अंतर्गत एक आंगनबाड़ी केंद्र में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां चूहा मारने की दवा खाने से एक ही परिवार के 5 बच्चों की ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 11 Apr 2026 09:44:57 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Apr 2026 09:44:57 PM (IST)
बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेता हुआ प्रशासनिक अमला।HighLights
- मंडला के छपरा टोला आंगनबाड़ी में हड़कंप
- बच्चों की जान से खिलवाड़ पर गठित हुई टीम
- SDM और विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडला। जिले के मोहगांव जनपद अंतर्गत एक आंगनबाड़ी केंद्र में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां चूहा मारने की दवा खाने से एक ही परिवार के पांच बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सभी बच्चों को तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहगांव ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उन्हें एहतियात के तौर पर निगरानी में रखा गया है।
खेल-खेल में बच्चों ने खा ली दवा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रामकिरिया पंचायत के छपरा टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की है। शनिवार सुबह करीब 8 बजे एक ही परिवार के पांच बच्चे आंगनबाड़ी पहुंचे थे। केंद्र में पहले से ही चूहों को मारने के लिए जहरीली दवा रखी गई थी। खेल-खेल में बच्चों ने इस दवा को खा लिया, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंगनबाड़ी सहायिका ने तुरंत बच्चों के स्वजनों को सूचना दी। स्वजन बिना देर किए बच्चों को निजी ऑटो से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहगांव लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
24 घंटे की निगरानी में रखा गया
जिला अस्पताल में चिकित्सक विजय धुर्वे ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए उन्हें 24 घंटे तक निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी सक्रिय हो गया। घुघरी क्षेत्र के एसडीएम सचिन जैन सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
ये बच्चे हुए बीमार
बीमार बच्चों की पहचान सचिन (3 वर्ष), समर (9 वर्ष), शिवन्या (3 वर्ष), कृतिका (5 वर्ष) और दीप्ती (डेढ़ वर्ष) के रूप में हुई है। सभी बच्चे एक ही परिवार से हैं और दो भाइयों के बताए जा रहे हैं।
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सुरक्षित पिंजरों का उपयोग किया जाए
एसडीएम सचिन जैन ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों में चूहा मारने की जहरीली दवाएं न रखी जाएं और इसके स्थान पर चूहा पकड़ने के लिए सुरक्षित पिंजरों का उपयोग किया जाए। यह घटना आंगनबाड़ी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में हो सकती हैं।