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चेहरे में घुसा साढ़े तीन फीट का सरिया, मंदसौर में पैदल घर जा रहा था अधेड़, निर्माणाधीन पुलिया पर हुई दुर्घटना

सीतामऊ क्षेत्र में शुक्रवार रात में अपने घर जा रहे एक अधेड़ निर्माणाधीन पुलिया से नीचे जा गिरे। दुर्घटना में नीचे पड़ा लगभग साढ़े तीन फीट लंबा सरिया उ...और पढ़ें

By Alok SharmaEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 05:51:33 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 08:27:51 PM (IST)
चेहरे में घुसा साढ़े तीन फीट का सरिया, मंदसौर में पैदल घर जा रहा था अधेड़, निर्माणाधीन पुलिया पर हुई दुर्घटना
अधेड़ के चेहरे में घुस गया सरिया। (एआई इमेज)

HighLights

  1. रात में अपने घर जा रहे एक अधेड़ निर्माणाधीन पुलिया से नीचे जा गिरे
  2. दुर्घटना में नीचे पड़ा लगभग साढ़े तीन फीट लंबा सरिया उनकी आंखों के पास घुस गया
  3. घायल को पहले सीतामऊ व बाद में जिला चिकित्सालय लाया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। सीतामऊ क्षेत्र में शुक्रवार रात में अपने घर जा रहे एक अधेड़ निर्माणाधीन पुलिया से नीचे जा गिरे। दुर्घटना में नीचे पड़ा लगभग साढ़े तीन फीट लंबा सरिया उनकी आंखों के पास से घुसा और कान के यहां निकल गया। गंभीर घायल को पहले सीतामऊ व बाद में जिला चिकित्सालय लाया गया। यहां पर चिकित्सकों के पास सरिया निकालने के लिए होने वाली आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं होने से रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार 50 वर्षीय परमानंद पुत्र नागूलाल कथीरिया निवासी सीतामऊ अपने साले के गरोठ स्थित ढाबे पर ही काम करते थे। वह कभी-कभी घर आते हैं। शुक्रवार रात को ढाबे से बस में बैठकर सीतामऊ पहुंचे थे। इसके बाद पैदल घर जा रहे थे। घर से करीब आधा किमी पहले निर्माणाधीन पुलिया के यहां लगे बैरिकेड को जैसे ही पकड़ा उसके साथ ही नीचे गिर गए।


नीचे पड़ा लगभग साढ़े तीन फीट लंबा सरिया उनकी आंख के पास से चेहरे में घुसकर कान के पीछे से बाहर निकल गया। हादसे के बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। परमानंद को किसी तरह पुलिया से बाहर निकाला गया। चेहरे में सरिया आर-पार फंसा देखकर लोग हैरान रह गए। 108 एंबुलेंस से सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। सीतामऊ में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देखते हुए परमानंद को मंदसौर जिला अस्पताल रेफर किया गया। रात में मंदसौर जिला अस्पताल लाया गया।

चिकित्सकों ने संसाधन नहीं होने से नहीं निकाला सरिया

हालत गंभीर होने और इस तरह के आपरेशन में जरुरी आकस्मिक सुविधाओं की कमी से ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने तत्काल विशेषज्ञों को बुलाया। सर्जिकल स्पेशलिस्ट डा. प्रीति मानावत सहित टीम ने बाहर से लगभग डेढ़ घंटे तक हर संभव उपचार किया। इसके बाद सरिये को बिना छेड़े मरीज को रतलाम रेफर करने का निर्णय लिया गया। चिकित्सकों के अनुसार सरिया आंख के पास से घुसकर चेहरे के अंदर के हिस्सों को नुकसान पहुंचाते हुए कान के पीछे से बाहर निकला था। कान के पीछे लगभग 5 से 6 इंच लंबा और गहरा घाव हुआ था।

सरिया निकालने की गुहार लगाते रहे

इलाज के दौरान परमानंद दर्द से तड़पते रहे। वह बार-बार चिकित्सकों से सरिया निकालने की गुहार लगाते रहे। गंभीर स्थिति को देख चिकित्सकों ने सरिया निकालने की कोशिश नहीं की। इससे अंदर बारीक नसों और शरीर के अन्य हिस्सों को ज्या दा नुकसान होने का खतरा था।

डॉ. प्रीति मानावत के अनुसार 21 साल के करियर में पहली बार इस तरह का मरीज देखा है। साढ़े तीन फीट लंबा सरिया आंख से कान के पीछे तक अंदर गया है। इससे सिर के कई हिस्सों और नसों के नष्ट होने की आशंका है। बाद में गंभीर स्थिति में रात करीब 1:30 बजे परमानंद को गंभीर हालत में रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परमानंद की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बिना बड़ा चीरा लगाए निकाला सरिया

सरिया आंख के पास से घुसकर चेहरे के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचाते हुए कान के पीछे निकला था। कान के पीछे 5 से 6 इंच लंबा और गहरा घाव था। रतलाम के शासकीय मेडिकल कॉलेज में रात करीब 2 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ, जो सुबह 5 बजे तक चला।

ऑपरेशन करने वाले डॉ. प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि सरिया निकालने में जान जाने और पैरालिसिस का खतरा था। चमड़ी हटाने पर नस कटने की आशंका थी, इसलिए बिना बड़ा चीरा लगाए ऑपरेशन कर सरिया सिर के पीछे से निकाला गया। ऑपरेशन में सर्जरी विभाग के 10 डॉक्टर और एनेस्थीसिया टीम शामिल रही। सिर के पीछे 10 और आंख के पास 3 टांके लगे। परमानंद को तीन-चार दिन निगरानी में रखा जाएगा। रतलाम से इंदौर ले जाने की बात पर भाई ने समय कम होने से यहीं उपचार कराने को कहा था।

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