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मंदसौर में आयोग की जांच में मदरसे से बालिकाएं गायब... रिकॉर्ड में 37 छात्राएं, कमरों में मिला 100 बच्चियों का सामान

जिले के ग्राम बादाखेड़ी में संचालित एक मदरसा और उसके परिसर में संचालित कन्या विद्यालय में बालिकाओं की शिक्षा एवं आवासीय व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमित...और पढ़ें

By Alok SharmaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 04 Jun 2026 08:29:08 PM (IST)Updated Date: Thu, 04 Jun 2026 08:29:08 PM (IST)
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मंदसौर में आयोग की जांच में मदरसे से बालिकाएं गायब... रिकॉर्ड में 37 छात्राएं, कमरों में मिला 100 बच्चियों का सामान
मंदसौर में आयोग की जांच में मदरसे से बालिकाएं गायब

HighLights

  1. मदरसा परिसर के गर्ल्स स्कूल में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, जांच शुरू
  2. ऑनलाइन रिकॉर्ड में 37 छात्राएं दर्ज, रजिस्टर में मिले 76 नाम
  3. कक्षा 6 से 8 की मान्यता वाले संस्थान में मिलीं उच्च कक्षाओं की किताबें

नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। जिले के ग्राम बादाखेड़ी में संचालित एक मदरसा और उसके परिसर में संचालित कन्या विद्यालय में बालिकाओं की शिक्षा एवं आवासीय व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा के निरीक्षण में कई ऐसे तथ्य उजागर हुए हैं, जिन्होंने संस्थान के संचालन और रिकार्ड की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोग ने प्रारंभिक जांच के आधार पर जिला शिक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

छात्राओं के पंजीयन रिकॉर्ड में बड़ा अंतर

गुरुवार को आयोग अध्यक्ष ने ग्राम बादाखेड़ी स्थित दारुल उलूम अहले सुन्नवत मोईनिया फैजान ए गरीब नवाज मदरसे और उसी परिसर में संचालित मोइनिया गर्ल्स स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय को मध्य प्रदेश बोर्ड से केवल कक्षा छह से आठ तक संचालन की मान्यता प्राप्त है, जबकि परिसर में तीसरी से 12वीं कक्षा तक की पुस्तकों का उपयोग होने के संकेत मिले।


आयोग अध्यक्ष के अनुसार, ऑनलाइन रिकॉर्ड में 37 छात्राओं का पंजीयन दर्ज है, जबकि स्कूल के स्कालर रजिस्टर में 76 छात्राओं के नाम पाए गए। वहीं परिसर के कमरों में बड़ी संख्या में स्कूल बैग, लगेज और अन्य सामग्री मिली, जिससे वहां कहीं अधिक छात्राओं के रहने की संभावना व्यक्त की गई। निरीक्षण के दौरान संस्थान प्रबंधन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं मिला और छात्राओं के संबंध में मांगे गए दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

छात्राओं की पहचान और रिकॉर्ड पर सवाल

निरीक्षण दल ने छात्राओं के व्यक्तिगत रिकार्ड, अभिभावकों की जानकारी, पहचान पत्र, प्रवेश संबंधी दस्तावेज और आवासीय व्यवस्था से जुड़े अभिलेख मांगे, लेकिन मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि निरीक्षण के समय छात्राएं कहां थीं। आयोग ने इसे गंभीर विषय मानते हुए विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई है।

बिना अनुमति उच्च कक्षाओं का संचालन

निरीक्षण के दौरान छात्राओं के सामान में कक्षा तीन से 12वीं तक की पुस्तकें मिलीं। इससे यह आशंका व्यक्त की गई कि संस्थान में स्वीकृत कक्षाओं से अधिक स्तर की पढ़ाई कराई जा रही है। मदरसा बोर्ड से मान्यता संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिसर में कोचिंग गतिविधियों और आवासीय व्यवस्था को लेकर भी कई प्रश्न सामने आए हैं। विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान कक्षा नौ से 12 तक की किताबें भी मिली हैं, जिससे संस्थान में मान्यता से परे गतिविधियां संचालित होने की आशंका मजबूत होती है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - टेरेसा मिंज, जिला शिक्षा अधिकारी

निरीक्षण के बाद खड़े हुए ये बड़े सवाल

  • ऑनलाइन रिकॉर्ड और स्कॉलर रजिस्टर में संख्या अलग-अलग क्यों?
  • छात्राओं के पहचान और अभिभावक संबंधी दस्तावेज कहां हैं?
  • मान्यता छह से आठ तक, फिर उच्च कक्षाओं की किताबें क्यों?
  • परिसर में वास्तविक रूप से कितनी छात्राएं रह रही थीं?
  • आवासीय व्यवस्था और प्रबंधन की जिम्मेदारी किसके पास है?

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