
नईदुनिया न्यूज, अरनोद (मंदसौर)। प्रशासन ने सोमवार को ग्राम देवल्दी में तस्कर भाइयों के अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चरनोई भूमि पर बनाए गए फार्म हाउस और पक्के निर्माण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जानकारी के अनुसार ग्रापं नौगांवा के अंतर्गत ग्राम देवल्दी स्थित आराजी नंबर 260 रकबा 0.45 हेक्टेयर सरकारी चरनोई भूमि पर याकूब पुत्र फकीर गुल खां एवं जमशेद उर्फ जम्मू लाला पुत्र फकीर गुल खां द्वारा फार्म हाउस एवं अन्य निर्माण कर कब्जा कर रखा था। मामले में राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत प्रकरण दर्ज कर तहसीलदार नितिन मेरावत ने 15 मई को अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए थे।
निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं हटाने पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान अरनोद डिप्टी चंद्रशेखर पालीवाल एवं थाना अधिकारी शिवलाल मीणा मौके पर मौजूद रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अरनोद, राजपुरिया, धमोतर, कोटड़ी, हथुनिया एवं प्रतापगढ़ थानों का अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार अतिक्रमण से जुड़े दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न थानों में पूर्व में भी कई प्रकरण दर्ज रहे हैं। याकूब पुत्र फकीर गुल खां के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम एवं आर्म्स एक्ट से संबंधित कई मामले दर्ज हुए हैं। इनमें कालूखेड़ा, अरनोद एवं पीपलखूंट थानों के प्रकरण शामिल हैं। वहीं जमशेद उर्फ जम्मू लाला पुत्र फकीर गुल खां के विरुद्ध भी मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा, एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में अरनोद, प्रतापगढ़ एवं पीपलखूंट थानों में प्रकरण दर्ज रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
थाना अधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि याकूब और जमशेद का नाम एमडी ड्रग्स तस्करी के चर्चित मामलों में भी जुड़ चुका है। वर्ष 2025 में पीपलखूंट क्षेत्र में मिली एमडी ड्रग्स फैक्ट्री मामले में जमशेद का नाम आया था जबकि याकूब का नाम उजागर होने के बाद वह फरार हो गया था।
फरारी के दौरान तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद रतलाम जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र के चिकलाना गांव में मिली एमडी ड्रग्स फैक्ट्री के मामले में भी याकूब का नाम आया था। इस मामले में रतलाम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए याकूब को गिरफ्तार किया हैं।
वर्तमान में दोनों भाई विभिन्न प्रकरणों में जले में हैं। मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित कथित अवैध संपत्तियों की जांच के दौरान अरनोद पुलिस ने याकूब की पत्नी के नाम जावरा स्थित हुसैन टेकरी क्षेत्र में संचालित होटल को भी चिन्हित किया था। जांच एजेंसियों द्वारा संपति को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई थी। थाना अधिकारी मीणा ने बताया कि देवल्दी में दो बार अवैध संपतियों पर बुलडोजर पहले चल चुके हैं।
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