
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। नीमच-रतलाम दोहरीकरण का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। मंदसौर-दलौदा रेलखंड का कार्य पूरा होते ही 135 किमी का यह खंड पूरा हो जाएगा। इसमें शिवना नदी पर नया ब्रिज बनकर तैयार है। वहीं पूरे खंड में रेलवे लाइन बिछाने के साथ इलेक्ट्रिक लाइन डालने का कार्य भी चल रहा है। सिग्नलिंग व अन्य विभागों की टीम अपना कार्य कर रही है। बताया जा रहा है कि अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो 10 मई तक सीआरएस का निरीक्षण हो सकता है।
लगभग 1100 करोड़ से अधिक की रतलाम-नीमच दोहरीकरण परियोजना अब अपने अंतिम दौर में है। 133 किमी के इस दोहरीकरण प्रोजेक्ट में मंदसौर-दलौदा के 15 किमी खंड को छोड़ बाकी सभी जगह काम पूरा हो गया है और सीआरएस के निरीक्षण के बाद दोनों पटरियों पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। दोहरीकरण का यह प्रोजेक्ट 90 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है। सीआरएस के निरीक्षण से पहले इस बचे हुए 15 फीसदी काम को पूरा करना चुनौती है।
रेलवे ने इस 15 किमी के खंड में भी ट्रायल वेगन चलाना शुरू कर दिया है। पहले यह प्रोजेक्ट दिसंबर-2025 में पूरा होना था लेकिन ब्रिज के कारण ही समय-सीमा मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी। अब ब्रिज का काम पूरा हो गया है। इस पर पटरी बिछ गई है। अप्रैल में इसे हर हाल में पूरा करने के लिए सख्ती से निर्देश रेलवे ने दिए हैं। इसी कारण बचा हुआ काम तेजी से चल रहा है।
133 किमी के रेलवे ट्रैक में से शत प्रतिशत काम ट्रैक बिछाने का हो चुका है। जो बाकी बचा है वह ब्रिज पर तकनीकी से जुड़ा है। मार्च में मल्हारगढ़-मंदसौर का सीआरएस हो चुका है। रतलाम से धौंसवास के बीच भी काम हो चुका है। अब मंदसौर-दलौदा के 15 किमी रेल खंड का सीआरएस निरीक्षण होना है। इसके लिए सीआरएस से 10 मई के आस-पास तारीख मिल सकती है। उसके पहले काम पूरा करने के साथ तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
रतलाम से नीमच के बीच मंदसौर-दलौदा खंड के 15 किमी छोड़कर बाकी 118 किमी में सीआरएस निरीक्षण हो चुका है। नई लाइन पर ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। इन क्षेत्रों में 120 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से इंजन दौड़ चुका है और दोनों लाइन पर वर्तमान में गाड़ियों की आवाजाही चल रही है। शिवना पर ब्रिज पूरा होते हुए यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
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रतलाम-नीमच दोहरीकरण प्रोजेक्ट का लगभग पूरा काम हो चुका है। अलग-अलग खंड में 90 फीसदी रेल लाइन का सीआरएस निरीक्षण हो चुका है। दोनों ट्रैक पर गाड़ियों का आवागमन भी शुरू कर दिया है। 133 किमी में सिर्फ मंदसौर-दलौदा के बीच 15 किमी के खंड पर सीआरएस निरीक्षण होना है। यह 10 मई के आस-पास प्रस्तावित है। कुछ ही काम बाकी है।- मुकेश कुमार पंड्या, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम मंडल, पश्चिम रेलवे