
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। नीमच-रतलाम दोहरीकरण के तहत मंदसौर से मल्हारगढ़ के बीच दोनों लाइन पर ट्रेन चलने लगी है। इस कार्य के पूर्ण होने से अब मंदसौर से चित्तौड़ तक लगभग 108 किमी तक के सफर पर ट्रेनों को क्रासिंग के लिए नहीं रुकना पड़ेगा। हाल ही में हुए सीआरएस की हरी झंडी के बाद मंदसौर से मल्हारगढ़ के बीच 24 किमी का खंड भी खोल दिया गया है।
अब केवल दलौदा से मंदसौर व रतलाम से धौंसवास के बीच दोहरीकरण का काम बचा हुआ है। शिवना पुल के पूरा होने पर मंदसौर से दलौदा की दोनों लाइन चालू हो सकेगी। इधर लगभग 15 दिन से बंद सभी पैसेंजर ट्रेनें पटरी पर चलने लगी हैं।
नीमच-रतलाम के बीच लगभग 1 हजार करोड़ रुपये में 135 किमी दोहरीकरण का कार्य अब लगभग अंतिम चरणों में है। इसके तहत नीमच से मंदसौर के बीच व दलौदा से धौंसवास के बीच कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। मंदसौर में शिवना पुल का काम चल रहा है। इसके पूरा होते ही मंदसौर से दलौदा तक दोहरीकरण हो जाएगा। 11 मार्च को पश्चिम रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त ने मंदसौर-मल्हारगढ़ के बीच 24 किमी लाइन पर लगभग 120 किमी प्रति घंटे का गति परीक्षण किया। इसके बाद विद्युतीकरण का जायजा लिया।
लगभग 133 किलोमीटर लंबे नीमच–रतलाम रेल खंड के दोहरीकरण का कार्य लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो गया है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि पश्चिम परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास ने मल्हारगढ़–मंदसौर रेल खंड के निरीक्षण के दौरान नई दोहरीकृत रेल लाइन, पुलों, ओवरहेड इक्विपमेंट, रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग व्यवस्था तथा अन्य सभी संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। इसके बाद निरीक्षण यान को 120 किमी प्रतिघंटा से अधिक गति से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता और संरक्षा मानकों की जांच की गई।
निरीक्षण एवं गति परीक्षण संतोषजनक मिलने पर मल्हारगढ़-मंदसौर रेल खंड पर यात्री एवं मालगाड़ियों के संचालन के लिए प्रमाण पत्र जारी कर दिया। मल्हारगढ़-मंदसौर खंड पर ट्रेन संचालन की अनुमति मिलने के साथ ही दोहरीकरण परियोजना लगभग 85 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है। 133 किलोमीटर लंबे रेलखंड में से अब तक लगभग 115 किमी रेल लाइन का दोहरीकरण पूरा हो चुका है।
अब मंदसौर–दलौदा तथा रतलाम–धौंसवास रेल खंड पर कार्य चल रहा है। नीमच-रतलाम रेल खंड का दोहरीकरण पूर्ण होने के पश्चात रतलाम–चित्तौड़गढ़ रेल खंड पूर्णतः दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेल मार्ग बन जाएगा। दोहरीकरण से ट्रेनों के क्रासिंग एवं पासिंग में लगने वाले समय में कमी आएगी।
ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा तथा यात्रियों को गंतव्य स्टेशन तक शीघ्र पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त रतलाम–चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में स्थित सीमेंट, जिंक तथा अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए मालगाड़ियों की आवाजाही और अधिक सुगम हो जाएगी। इससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
सभी ट्रेनें लौटी पटरी पर
ट्रेन 69231/32 उज्जैन– चित्तौड़गढ़-उज्जैन, 59835/36 मंदसौर-उदयपुर सिटी-मंदसौर पैसेंजर, ट्रेन 59833/34 मंदसौर-कोटा-मंदसौर पैसेंजर, ट्रेन 19815/16 कोटा-मंदसौर-कोटा एक्सप्रेस, जमुना ब्रिज-रतलाम-जमुनाब्रिज पैसेंजर, ट्रेन 19327 रतलाम–उदयपुर सिटी-रतलाम एक्सप्रेस अपने नियमित समय से चलने लगी है।