
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। शहर की जर्जर सड़कों और लगातार हो रही दुर्दशा से तो लोग परेशान हो ही रहे हैं। इधर महू-नीमच राजमार्ग पर स्थित शिवना पुल जिसे स्थानीय भाषा में बड़ा पुल कहते हैं उस पर हो रहे गड्ढों, जर्जर स्थिति व बंद लाइट से परेशान व्यवसायियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को जगाने के लिए अनूठा विरोध प्रदर्शन किया।
सड़कों पर हो रहे जानलेवा गड्ढों को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए प्रदर्शनकारियों ने गड्ढों पर फूलमाला अर्पित कर ‘श्रद्धांजलि’ दी। अनूठे अंदाज में किए गए इस प्रदर्शन में वहां से निकल रहे वाहन चालक भी शामिल हो गए। मुक्तिधाम के पास स्थित शिवना पुल की लंबे समय से मरम्मत भी नहीं हुई है। इसके चलते जगह-जगह बड़े गड्ढे हो रहे हैं इसके अलावा कई जगह डामर भी उखड़ रहा है।
रात में पुल की लाइट भी बंद रहती है। जो राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए है। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों और नगर पालिका प्रशासन से कई बार इसकी मरम्मत की गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगा। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की इस बेरुखी से तंग आकर आखिरकार प्रदर्शनकारियों को यह अनूठा कदम उठाना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़क के बीचों-बीच बने बड़े-बड़े गड्ढों को फूलों की माला पहनाई। उनके सामने अगरबत्ती जलाई और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहर की बदहाल कानून-व्यवस्था और खस्ताहाल बुनियादी ढांचे को लेकर नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चूंकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सड़कों की इस दुर्दशा को देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं, इसलिए ऐसा लगता है कि व्यवस्था की संवेदनशीलता खत्म हो चुकी है। इसी ''सोई हुई व्यवस्था'' को आईना दिखाने के लिए गड्ढों की बरसी और श्रद्धांजलि जैसा रूपक चुना गया।
मुक्तिधाम बड़ी पुलिया का यह मार्ग यातायात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां आम नागरिकों और स्कूली बच्चों का यहां से रोज आना-जाना होता है कई बार दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों के कारण असंतुलित होकर गिरकर गंभीर चोट का शिकार हो रहे हैं। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और अधिक भयावह हो रही है इससे जलभराव के बीच गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शहर की सड़कों की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। शहर का मुख्य मार्ग हो या फिर रिहायशी इलाकों की सड़कें, हर जगह पेचवर्क के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। पहली ही बारिश या भारी वाहनों की आवाजाही में गिट्टियां उखड़ रही है और बड़े-बड़े गड्ढे हादसे को न्योता दे रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के बाद शहर यही सवाल पूछ रहा है कि ''श्रद्धांजलि'' के बाद भी जिम्मेदारों की नींद खुलेगी या फिर लोग किसी बड़े हादसे के शिकार होंगे।
शिवना पुल पर खड्डे हो रहे हैं इससे आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई बार संबंधितों को बता भी चुके हैं पर कोई कार्रवाई ही नहीं हो रही है। यहां से स्कूली बच्चे व सभी निकले हैं इसलिए सड़क को श्रद्धांजलि दी। –गोपालसिंह
पुल व उसके आस-पास की रोड खराब हो रही है। गड्ढे हो रहे हैं। रात में पुल पर लाइट बंद रहती है। एक साल से हम परेशान हो रहे हैं पर कोई हमारी बात सुन ही नहीं रहा है। अंधेरे में व गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही है। इसलिए यह विरोध प्रदर्शन किया। -बद्रीलाल देवड़ा
महू-नीमच राजमार्ग पर पुल की हालत खराब है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे भी गुजर रहे हैं। सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है पता ही नहीं चल रहा है। इसलिए प्रतीकात्मक रुप से सड़क को श्रद्धांजलि दी है। कम से कम गड्ढे भरने का प्रयास तो हो। – संदीप सलोद
लोगों के प्रदर्शन के बाद लोक निर्माण सेतु विभाग के एसडीओ प्रवीण नरवरे पुल पर हो रहे गड्ढों को भरने का कार्य शुरु कराया। कुछ गड्ढों में सीमेंट भरी गई और दरारों को ठीक किया गया। इसके बाद अन्य समस्याओं को भी ठीक करने की बात कही है।
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