
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू। जलूद से इंदौर शहर को नर्मदा जल उपलब्ध कराने वाली तृतीय चरण की 1700 एमएम व्यास वाली मुख्य पाइप लाइन गुरुवार सुबह फट गई। यह पाइप लाइन करीब 10 वर्ष पहले बिछाई गई थी
इस बड़े लीकेज ने महू और आसपास के क्षेत्रों में कुछ ही मिनटों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए और इंदौर की जलापूर्ति प्रणाली पर गंभीर असर की स्थिति बन गई। इसी पाइप लाइन से इंदौर की लगभग 80 पानी की टंकियों तक नर्मदा जल पहुंचाया जाता है। पाइप लाइन फूटने के कारण इंदौर शहर की करीब 50 टंकियों में पानी नहीं पहुंच पाया।
घटना की शुरुआत सुबह करीब 7 बजे हुई, जब बिजलपुर स्थित नर्मदा जल सप्लाई कंट्रोल रूम को लीकेज की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पीएचई विभाग और रामकी कंपनी की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले गेट नंबर-4 और किशनगंज स्थित स्कावर वॉल्व खोले गए ताकि पाइप लाइन का दबाव कम किया जा सके। इसके बाद जहां लीकेज हुआ उ गड्ढे से डी-वाटरिंग (पानी निकालने) की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए चार मोटर पंप लगाए गए। सुबह लगभग 9 बजे शुरू हुआ डी-वाटरिंग कार्य शाम करीब 5 बजे तक चलता रहा। पानी पूरी तरह बाहर निकालने के बाद टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से तक पहुंच बनाकर मरम्मत कार्य शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा।
पाइप लाइन फटने के बाद निकला पानी इतनी तीव्र गति से बहा कि आसपास का पूरा इलाका प्रभावित हो गया। वन विभाग कार्यालय, छावनी परिषद, सेंट्रल स्ट्रीट, ड्रीमलैंड, आरफियम, राज मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में पानी भर गया। सड़कें नदी बन चुकी थी। जिसके बहाव में कई दो पहिया वाहन भी गिर गए। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में यातायात बाधित रहा। ड्रीमलैंड चौराहे से डीएसओआई चौराहे तक मार्ग को बैरिकेडिंग कर बंद करना पड़ा।
लीकेज से निकला पानी गैरिसन मैदान में जमा हो गया, जिससे पूरा मैदान तालाब जैसा दिखाई देने लगा। जिसमें बच्चे भी खेलते कूदते नजर आए। वहीं छावनी परिषद के गार्डन, एसबीआई बैंक, मालवा काम्प्लेक्स भी पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस दौरान काम्प्लेक्स की इलेक्ट्रानिक्स की दुकानें व बैंक के कम्प्यूटर व अन्य उपकरण भी पानी में खराब हो गए। करीब 500 मीटर का दायरा तालाब में तब्दील हो गया। पूरा दिन बैंक का कार्य भी प्रभावित रहा। मालवा काम्प्लेक्स की 25 से 30 दुकानों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें लगभग 50 से 70 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया।
अधिकारियों के मुताबिक यह पाइप लाइन करीब 10 वर्ष पहले बिछाई गई थी और यह दूसरी बड़ी तकनीकी खराबी है। इससे पहले लगभग 8 वर्ष पूर्व किशनगंज क्षेत्र में इसी लाइन में रिसाव हुआ था। गुरुवार सुबह पाइप में लगभग 7 फीट लंबे प्लेट वेल्डिंग जाइंट की वेल्डिंग खुल गई, जिससे प्लेट उखड़ गई और पाइप लाइन फट गई।
नगर निगम जल कार्य प्रभारी बबलू शर्मा के अनुसार मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि पूरी प्रक्रिया में लगभग 12 घंटे से अधिक समय लग सकता है और रात 3 से 4 बजे तक जलूद स्थित पंपों को फिर से चालू किया जा सकेगा। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।