
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू। चन्दर मार्ग क्षेत्र में दूषित पानी के कारण उपजे स्वास्थ्य संकट को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने गली-मोहल्लों का भ्रमण कर रहवासियों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र में जल आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि प्रशासन हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए मुस्तैद है।
प्रशासनिक आँकड़ों के अनुसार, चन्दर मार्ग के लगभग 250 घर इस दूषित जल की समस्या से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 12 विशेष सर्वे टीमें गठित की हैं, जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रही हैं। यह टीमें प्रभावित इलाकों का चिन्हांकन कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
दूषित पानी के सेवन से बीमार हुए लोगों में से वर्तमान में 10 लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भर्ती मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं। राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
यह भी पढ़ें- इंदौर में हाईप्रोफाइल ठग संजय कालरा की 15 कारें जब्त, पुलिस के हाथ लगा 45 कारों का रिकॉर्ड
कलेक्टर शिवम वर्मा ने संक्रमण की जड़ तक पहुंचने के लिए तत्काल कड़े निर्देश जारी किए हैं। क्षेत्र में फिलहाल पाइपलाइन के जरिए होने वाली नर्मदा जल की सप्लाई को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, ताकि दूषित पानी का प्रसार न हो। रहवासियों को पीने के साफ पानी की कमी न हो, इसके लिए क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जल स्रोतों और प्रभावित क्षेत्रों में सघन क्लोरिनेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन में लीकेज या ड्रेनेज मिक्सिंग के पॉइंट का जल्द से जल्द पता लगाया जाए। जब तक जल पूरी तरह शुद्ध नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्र में वैकल्पिक व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।