
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू। इंदौर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) आईपीएस राजेंद्र कुमार वर्मा द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर जारी किया गया आदेश चार दिन के भीतर ही निरस्त कर दिया गया। इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने इस आदेश को मध्यप्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम-2025 और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों के अनुरूप नहीं मानते हुए तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, इंदौर ग्रामीण में हाल ही में पदस्थ हुए एसपी राजेंद्र कुमार वर्मा ने 29 मई को जिले के सभी थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के लिए एक आदेश जारी किया था। आदेश में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति संबंधी प्रक्रिया में बदलाव करते हुए कई मामलों में अंतिम मंजूरी का अधिकार अपने स्तर पर निर्धारित किया गया था।
अपने आदेश में एसपी वर्मा ने उल्लेख किया था कि कई बार अधिकारी और कर्मचारियों को उनके संज्ञान में लाए बिना अवकाश पर रवाना कर दिया जाता है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा था कि जिले में पुलिस बल की कमी है तथा इंदौर ग्रामीण क्षेत्र आपराधिक और साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील है। इसके अलावा वीवीआईपी, वीआईपी और कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए भी अतिरिक्त बल की आवश्यकता बनी रहती है।
अवकाश मंजूरी को लेकर लगाए गए थे नए प्रतिबंध जारी आदेश के अनुसार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजने से पहले एसपी स्तर पर अनुमति लेना आवश्यक किया गया था। 30 दिन या उससे अधिक अवधि के सभी अवकाशों की स्वीकृति एसपी द्वारा किए जाने का प्रावधान रखा गया था। इसके अलावा एएसआई और उससे वरिष्ठ सभी अधिकारियों के अवकाश भी एसपी स्तर से मंजूर किए जाने की बात कही गई थी।
आदेश में आरक्षक स्तर के कर्मचारियों के अवकाश की मंजूरी डीएसपी मुख्यालय को सौंपने का उल्लेख था। वहीं गैरहाजिरी और सिक लीव के मामलों में सात दिन तक का अवकाश निरीक्षक स्तर, सात से 15 दिन तक का अवकाश डीएसपी स्तर, 15 से 30 दिन तक का अवकाश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर तथा 30 दिन से अधिक अवधि के मामलों में एसपी स्तर पर आमद लेने की व्यवस्था निर्धारित की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, एसपी के इस आदेश से कई पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी असहमत थे। मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद इसकी समीक्षा की गई। इसके बाद इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने 2 जून की दोपहर आदेश जारी कर एसपी वर्मा के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। आईजी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि एसपी का आदेश मध्यप्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम-2025 तथा पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 23 अप्रैल 2026 और 15 मई 2026 को जारी निर्देशों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर उक्त आदेश को निरस्त करने की कार्रवाई की गई।