मुरैना में एक्सप्रेस-वे की मिट्टी से निकले ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्के, खजाना पाने उमड़ा पूरा गांव
Morena British Era Coins: तीन दिन पहले गांव का एक युवक इस निर्माणाधीन सड़क से गुजर रहा था, तो उसे मिट्टी में दबा चांदी का सिक्का दिखा। युवक ने सिक्का ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 18 Aug 2026 03:50:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 18 Aug 2026 03:50:44 PM (IST)
चांदी के सिक्कों के लिए मिट्टी को कुरेदते ग्रामीण और इसी मिट्टी में मिला सिक्का। वीडियोग्रैबHighLights
- डोंगरपुर लोधा गांव का घटनाक्रम
- 1913 के जॉर्ज पंचम कालीन सिक्के
- प्रशासन की जांच और जब्ती के आदेश
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। ग्वालियर से आगरा के बीच बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण स्थल पर चांदी के सिक्के निकलने की खबर से पूरे गांव में ऐसा हड़कंप मचाया कि बच्चे, महिला, युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक एक्सप्रेस-वे के लिए बिछाई गई मिट्टी को खोदने लगे। अब तक कई लोगों को चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आया और सिक्कों को जब्त कर पुरातत्व विभाग के सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए।
दो दिन से कुछ युवक अकेले में करने आते थे खुदाई
मामला माता बसैया थाना क्षेत्र के डोंगरपुर गांव का है, जहां से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है। तीन दिन पहले गांव का एक युवक इस निर्माणाधीन सड़क से गुजर रहा था, तो उसे मिट्टी में दबा चांदी का सिक्का दिखा। युवक ने सिक्का उठाया और घर चला गया। बाद में उसे समझ आया कि और भी सिक्के हो सकते है। वह अपने कुछ दोस्तों के साथ दूसरे दिन आया और मिट्टी को कुरेदने पर तीन-चार चांदी के सिक्के और मिल गए। दो दिन से कुछ युवक अकेले में खुदाई करने आते। मंगलवार की सुबह यह बात पूरे गांव में फैल गई, कि एक्सप्रेस-वे की मिट्टी से चांदी के सिक्के निकल रहे हैं।
देखते ही देखते पूरा गांव खोदाई के लिए पहुंच गया
इसके बाद देखते ही देखते पूरा गांव निर्माण स्थल पर आ गया। कोई खुरपी, कोई हंसिया, कोई लकड़ी तो कोई सरिया या अन्य सामान लेकर मिट्टी खोदने लगा। बताया गया है कि अब तक आठ से दस सिक्के ग्रामीणों को मिल चुके। चांदी के सिक्कों के लिए एक्सप्रेस-वे की खुदाई के वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गए। एक वीडियों में एक युवक को चांदी का सिक्का मिलना भी दिखा जा रहा है।
कहीं और से खुदकर आई मिट्टी में निकल रहे सिक्के
माता बसैया थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर ने बताया कि इस बात की खबर उन्हें मंगलवार की सुबह साढ़े 10 बजे मिली। वह मौके पर पहुंचे तो कईयों लोग निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे की खुदाई कर रहे थे और चांदी के सिक्के होने की बात कह रहे थे। पुलिस के खदेड़ने पर ग्रामीण वहां से भाग गए। इसके कुछ देर बार पुलिस टीम वहां से लौट आई तो ग्रामीण फिर खुदाई करने लगे।
थाना प्रभारी तोमर ने बताया कि अब तक की गई पूछताछ में यहीं बताया गया है, कि एक्सप्रेस-वे के लिए जो मिट्टी डाली गई है, वह स्थानीय नहीं है। नहीं आसपास के किसी खेत की है। यह मिट्टी किसी और जगह से खोदकर लाई गई है।
प्रशासन ने दिए सिक्कों की जांच के आदेश
मामला प्रकाश में आने के बाद अपर कलेक्टर कलेक्टर अश्विनी रावत ने एसडीएम रामनिवास सिंह सिकरवार को निर्देश दिए कि वह मामले की सत्यता का पता लगाएं। चांदी के सिक्के निकल रहे हैं, तो उनका जब्त कर पुरातत्व विभाग को सौंपा जाए।
बताया गया है, कि जो सिक्के निकल रहे हैं उनमें साल 1913 लिखा हुआ है। चांदी के इन सिक्को को ब्रिटिश काल का बताया जा रहा है, जब साल 1910 से 1930 तक राजा जार्ज पंचम ने चांदी के सिक्कों का चलन भारत में करवाया था। इन सिक्कों में 91 फीसद तक चांदी बताई जा रही है।