
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। मुरैना के एसपी बंगले पर तैनात एक आरक्षक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर पुलिस महकमे में हल्ला मचा दिया है। आरक्षक ने अपने वीडियो में एसपी समीर सौरभ और उनकी पत्नी वंदना पर खाना बनवाने, झाडू-पोछा करने से लेकर जूठे बर्तन साफ करवाने जैसे कई आरोप लगाए हैं। आरक्षक खुद को बीमार बताते हुए, रोते हुए इलाज के लिए छुट्टी की मांग कर रहा है। रोते हुए आरक्षक कह रहा है कि यह वीडियो डालने के बाद मुझे नौकरी से भी निकाला जा सकता है।
आरक्षक रूपसिंह रावत ने गुरुवार की देर रात अपने फेसबुक अकाउंट पर वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह कह रहा है...
मुरैना एसपी समीर सौरभ के बंगले में, किचन में काम करता हूं। मेरी तबियत ज्यादा खराब है। मैंने जांच करवाई तो दो किडनियों में पथरी बताई है, एक किडनी में तीन एमएम की पथरी है। मैंने यह जांच एसपी साहब और वंदना मेडम (एसपी की पत्नी) को दिखाई, एसपी साहब ने कह दिया कि तुम्हें कुछ नहीं हुआ। मैंने जांच व इलाज करवाने के लिए 15 दिन की छुट्टी मांगी तो एसपी ने मेरा आवेदन कचरे में फेंक दिया। अब मैं क्या करूं, किसके यहां जाऊं, किससे छुट्टी मागूं। यही अधिकार है मेरा, वरिष्ठ अधिकारियों से छुट्टी मांगे तो छु्ट्टी भी नहीं मिले। अब वरिष्ठ अधिकारी मेरा वीडियो देखकर मुझे सस्पेंड से लेकर बर्खास्त तक कर सकते हैं। करो मुझे बर्खास्त-सस्पेंड। वहां मैं गिड़गिड़ा रहा हूं, बंगले में उनके झूठे बर्तन साफ कर रहा हूं। सब-कुछ कर रहा हूं। मैं बीमारी में छुट्टी मांग रहा हूं, बीमारी का इलाज करवाने के लिए भी छुट्टी नहीं है मेरे लिए।
नईदुनिया ने आरक्षक रूपसिंह रावत को कॉल किया तो उनके पिता ने फोन उठाया और बोले कि वह दवाई लेकर आराम कर रहा है, उसे दर्द हो रहा है। कुछ देर बाद आरक्षक से बात हुई तो आरक्षक रूपसिंह दुखियारी आवाज में बोला कि, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक ड्यूटी करवाई जाती है। आरक्षक होने के बाद भी उससे बंगले का झाडू-पोछा, बर्तन साफ करवाने से लेकर खाना बनाने तक का काम करवाया जाता है।
मेरे खानदान में कोई अंडा, मांस-मछली नहीं खाता, लेकिन एसपी बंगले में आए दिन मांसाहारी खाना बनवाया जाता है। जूठी हड्डिया हमसे फिंकवाई जाती हैं। किचन तक में कैमरे लगा रखे हैं, जिससे मेडम और एसपी साहब अपने मोबाइल से हमारी निगरानी करते हैं, टायलेट जाने पर भी टोका जाता है। मेडम (एसपी की पत्नी) कभी भी कुछ भी बोल देती हैं, बिना गलती के फटकार लगाकर बेइज्जत करती हैं, बिना कारण ही टार्चर किया जाता है। आरक्षक ने बताया कि उसे तीन महीने से छुट्टी नहीं मिली, वह सातों दिन काम पर जाता है।
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आरक्षक रूप सिंह ने कहा कि एसपी साहब की किचिन में पहले लतीफ नाम का कर्मचारी काम करता था, वह बीमार हुआ, समय पर उसे इलाज नहीं मिला और सात महीने पहले उसकी मौत हो गई। इसलिए डर लगता है, समय पर इलाज नहीं कराया तो मेरे बच्चों को कौन देखेगा।