
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। डोंडरी नगरा में 14 साल के किशोर की बलि के मामले में अंबाह की विशेष अदालत ने करुसिंह उर्फ धर्मेंद्र सिंह पुत्र किशन सिंह गुर्जर निवासी घमंडी की खोड़ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषसिद्ध अभियुक्त पर 6000 रुपये का अर्थदंड किया। इसी केस के दो दोषी दीपू उर्फ सिद्धांत सिंह गुर्जर व धारा सिंह उर्फ भगत जोशी पुत्र जसवंत सिंह को सजा दी जा चुकी है। चौथा अपचारी किशोर न्यायालय से दंडित हुआ है।
एजीपी रामसेवक मिश्रा के मुताबिक, डोंडरी गांव में 17 नवंबर 2019 की सुबह चार बजे घर से दौड़ने निकले अंशुल (14) पुत्र जितेंद्र सिंह गुर्जर को उसके साथ दौड़ने वाले युवकों ने अगवा किया और उसे एक देवस्थान पर ले गए। वहां अंशुल के हाथ-पैर पकड़कर उसका एक कान काट लिया गया और उसकी एक आंख निकाल ली। बाद में चार लोगों ने मिलकर अंशुल की साफी से गला घोंट दिया जिससे उसकी मौत हो गई। अंशुल की हत्या से बचे रहें इसलिए आरोपितों ने किशोर के शव को बिजली स्टेशन के पास करब में छिपा दिया।
अंशुल जब दौड़ के बाद घर वापस नहीं आया तो तलाश के बाद उसके पिता जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बेटे को अगवा किए जाने की एफआईआर नगरा थाने में दर्ज करा दी। तत्कालीन थाना प्रभारी नगरा नरेश निरंजन सिंह ने अंशुल के गायब होने के मामले में उसके साथ दौड़ने वाले लड़कों की कॉल डिटेल निकाली और करु उर्फ धर्मेंद्र सिंह गुर्जर से कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि डोंडरी गांव के धारा सिंह उर्फ भगत जोशी के लड़के ने उससे कहा कि गांव के जितेंद्र सिंह गुर्जर का लड़का इकलौता है। उसके पिता भगत जोशी उसकी बलि देना चाहते हैं ताकि गढ़ा हुआ धन उन्हें मिल जाएगा और उसका सभी को हिस्सा मिलेगा। इस लालच में उन लोगों ने मिलकर अंशुल को पकड़ा और उसे भगत जोशी के स्थान पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
नरबलि के सनसनीखेज मामले को ट्रेस करने के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक व वर्तमान डीआईजी असित यादव ने क्राइम ब्रांच की टीम को केस ट्रेस कराने के लिए लगाया, तो नगरा पुलिस ने रात 12 बजे अंशुल के शव को बिजली स्टेशन के पास रखी करब में से बरामद कर लिया।
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