मुरैना: उफनती चंबल नदी में डीजल खत्म होने से 5 KM तक बहता चला गया स्टीमर, 150 से ज्यादा यात्री और कांवड़िए थे सवार
Chambal River Steamer Incident: स्टीमर अब तक पांच किलोमीटर दूर बहकर भिंड के अटेर क्षेत्र की ओर बढ़ गया है। स्टीमर में 150 से अधिक यात्री सवार हैं। 50 ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 16 Aug 2026 10:17:42 AM (IST)Updated Date: Sun, 16 Aug 2026 11:41:22 AM (IST)
नगरा घाट के पास बीच नदी में डीजल खत्म होने से बंद पड़ा स्टीमर, जिस पर सवार हैं 100 से ज्यादा यात्री। वीडियोग्रैबHighLights
- उफनती चंबल में बंद इंजन के साथ बहता चला गया स्टीमर
- प्रतिबंध के बावजूद 150 यात्री और 50 बाइक लेकर निकला था
- भिंड के अटेर की ओर बहा, बचाव के लिए पुलिस और SDRF रवाना
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। पोरसा तहसील के चंबल नदी के नगरा घाट पर रविवार की सुबह चीख पुकार सुनाई दी। यह आवाज चंबल नदी के तेज बहाव में बहते जा रहे स्टीमर से आ रही थी।
जानकारी के अनुसार, स्टीमर का इंजन नदी के बीच में पहुंचते ही बंद हो गया, जिसका कारण डीजल खत्म होना बताया गया। इसके बाद, पानी का बहाव स्टीमर को अपने साथ बहा ले गया। वर्तमान में, यह स्टीमर घाट से दूर, धुंधला सा दिखाई दे रहा है। बहते स्टीमर को रोकने या उसमें डीजल पहुंचाने का कोई उपाय नहीं किया गया है।
चंबल नदी के तेज बहाव में जाता बंद स्टीमर। वीडियोग्रैब
बहकर भिंड के अटेर क्षेत्र में पहुंचा
स्टीमर अब तक पांच किलोमीटर दूर बहकर भिंड के अटेर क्षेत्र की ओर बढ़ गया है। स्टीमर में 150 से अधिक यात्री सवार हैं। 50 से अधिक बाइक भी रखी हैं। यात्रियों में कावड़ वालों की संख्या भी बहुत है। बचाव के लिए आपदा प्रबंधन टीम के अलावा नगरा, पोरसा और महुआ थाने की पुलिस टीमे मदद को भेज दी गई हैं। बताया जा रहा है कि यात्रियों से भरा स्टीमर चंबल नदी के नगरा घाट से उत्तरप्रदेश के केंजरा घाट जा रहा था। उत्तरप्रदेश में बटेश्वर मंदिर है वहीं कांवड़ चढ़ाने के लिए कांवड़िए व उनके स्वजन जा रहे थे। लोगों के जान में जान तब आई जब स्टीमर भिंड के कक्षपुरा में अपने आप किनारे लग गया। बताया जा रहा है कि स्टीमर से सभी लोग सुरक्षित उतार लिए गए हैं।
बारिश के कारण उफान पर है चंबल
बारिश के कारण चंबल नदी में उफान है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश प्रशासन के एसडीएम ने घाट पर चलने वाले स्टीमर को बंद करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद, यह स्टीमर चल रहा था। प्रशासन की रोक के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि यात्रियों की जान को खतरे से बचाया जा सके। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।