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मुरैना के दो कमरों के मदरसे में 445 बच्चों का दाखिला, करीब 90% हिंदू, आयोग ने कराया सील

मुरैना में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दो कमरों के मदरसे में 445 बच्चों का दाखिला पाया। करीब 90 प्रतिशत हिंदू बच्चों के नाम मिलने पर मदरसा सील कराया।

By Hariom GaurEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 09:59:31 PM (IST)Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 09:59:31 PM (IST)
मुरैना के दो कमरों के मदरसे में 445 बच्चों का दाखिला, करीब 90% हिंदू, आयोग ने कराया सील
मुरैना के दो कमरों के मदरसा सील। (नईदुनिया)

HighLights

  1. दो कमरों के मदरसे में 445 बच्चों के नाम मिले।
  2. दर्ज बच्चों में करीब 90 प्रतिशत हिंदू बच्चे हैं।
  3. आयोग अध्यक्ष ने मदरसा तत्काल सील करवाने के निर्देश दिए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा. निवेदिता शर्मा ने बुधवार को मुरैना जिले के छात्रावास और एक मदरसे का औचक निरीक्षण किया। खड़ियाहार गांव में दो कमरों में चल रहे मदरसे में 445 बच्चों का दाखिला देख आयोग अध्यक्ष हैरान रह गईं, क्योंकि मदरसे में दर्ज बच्चों में लगभग 90 फीसद हिंदू बच्चे हैं। आयोग अध्यक्ष ने तत्काल मदरसे को सील करवा दिया, अधिकारियों को मान्यता निरस्त करने के आदेश दिए।

दो कमरों के मदरसे में 445 बच्चों का दाखिला

  • आयोग अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा, बीआरसी शिवराज शर्मा, शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका वर्षा कोहली, मुरैना बाल कल्याण समिति के सदस्य रामू डंडौतिया, प्रवेंद्र शर्मा आदि के साथ खड़ियाहार गांव में चल रहे मदरसा आयसा इस्लामिया का औचक निरीक्षण किया। मदरसे के भवन के नाम पर दो कमरे व आगे एक छोटा सा आंगन था।

  • आयोग अध्यक्ष व अधिकारियों को दोनों कमरों में 35 बच्चे पढ़ते मिले, लेकिन जब बच्चों के दाखिले का रिकार्ड चेक किया तो पता लगा, कि उक्त मदरसे में 445 बच्चों के नाम दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश हिंदू बच्चों के नाम हैं। यह हिंदू बच्चे कभी मदरसा नहीं आते। मदरसा भवन के नाम पर दो छोटे-छोटे कमरे व आगे एक आंगन था, जिमसें 445 छात्र-छात्राओं को बैठाकर पढ़ाना पूरी तरह असंभव है।
  • इसके अलावा अन्य रिकार्ड भी मांगने पर उपलब्ध नहीं करवाया गया। आयोग अध्यक्ष ने मदरसा को सील करने के बाद इसकी मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका को दिए। साथ ही निर्देश दिए, कि मदरसे में जिन बच्चों के नाम दर्ज है, उन्हें पास के प्राइमरी स्कूल में प्रवेश दिलवाया जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
  • छात्रावास में आडीटोरियम ताला, नहीं दी निरीक्षण पंजी

    • मदरसे से पहले आयोग की अध्यक्ष डा. निवेदिता, जिला संयोजक अधिकारी अनुसूचित जाति विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, बीआरसी आदि को लेकर ज्ञानोदय आवासीय छात्रावास में पहुंचे। यहां सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। भाेजन गुणवत्ता सही व मीनू अनुसार नहीं थी। जो खेल आडीटोरियम बना था, उस पर प्राचार्य लक्ष्मी जैन ने ताला लगा रखा था, जिससे बच्चे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे थे।
    • बार-बार मांगने पर भी अधीक्षिका रामबेटी ने निरीक्षण पंजी आयोग अध्यक्ष को नहीं दी। भवन की खिड़कियां टूटी हुई थी आयोग अध्यक्ष ने बालिकाओं की सुरक्षा को देखते हुए नाराजगी जताई तथा निर्देश की तत्काल इन्हें ठीक किया जाए। अन्य कमियां भी दूर करवाने के निर्देश दिए।

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