
नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच। जिले में अज्ञात शरारती तत्व ने रेलवे ट्रैक के एक छोर से दूसरे छोर तक लोहे का तार बांध दिया, जिससे तार एक सुपर फास्ट ट्रेन के इंजन में फंस गया। हालांकि इस घटनाक्रम से ट्रेन अधिक प्रभावित नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देख रेलवे का अमला हरकत में आया। रेलवे सुरक्षा बल का अमला भी मौके पर पहुंचा। इस घटना के बाद शहर की बघाना पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामला जांच में लिया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटनाक्रम 12 जुलाई की रात्रि का बताया जाता है। जिला मुख्यालय से करीब 8 से 10 किलोमीटर दूर बिसलवास कलां रेलवे स्टेशन है। नीमच और बिसलवास कलां रेलवे स्टेशन के मध्य रेलवे ट्रैक पर अज्ञात शरारती तत्व ने एक लोहे का तार बांध दिया। लोहे का तार रेलवे ट्रैक के एक छोर से दूसरे छोर के बीच बांधा गया था।
लोहे का तार बंधा होने के बावजूद एक गुड्स ट्रेन वहां से निकल गई। बाद में जयपुर-यशवंतपुर सुपर फास्ट ट्रेन ट्रैक से गुजरी तो लोहे के तार का एक हिस्सा इंजिन में फंस गया। इस घटनाक्रम के बाद इंजिन के चालक ने ट्रेन को रोक दिया और घटनाक्रम के संबंध में बिसलवास कलां और नीमच रेलवे स्टेशन पर सूचना दी।
रेलवे का तकनीकी अमला और रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची। रेलवे ट्रैक पर लोहे का तार बंधने और तार के इंजिन में फंसने की पुष्टि होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने समन्वय स्थापित कर अज्ञात आरोपित के खिलाफ शहर के बघाना थाने में रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 150 (2)(ए), 152 व भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 324 (3) में प्रकरण दर्ज कराया है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल मामले में गहनता से जांच कर रहे हैं।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर लोहे का तार बांधने का घटनाक्रम 12 जुलाई की रात्रि का है। रेलवे सुरक्षा बल ने प्रकरण दर्ज कराने के साथ मामले में गहनता से पड़ताल शुरू की है। इस घटनाक्रम के कारण रेलवे को कोई नुकसान नहीं हुआ है और न ही ट्रेन का शेड्यूल ही प्रभावित हुआ है।