
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। अंतत: वृंदावन में प्रभु जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा...जी पुलिस को मिल गए। मिलने के बाद पुलिस मूर्तियां व पुजारी को साथ लेकर राजग़ढ़ जिले के खिलचीपुर के लिए रवाना हो गई है। यहां आने के बाद खिलचीपुर स्थित श्रीराम पेट्रोल पंप के पास मौजूद मंदिर में मूर्तियां फिर से स्थापित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकारी जमीन पर श्रीराम पेट्रोल पंप के पास संत सोहन दास महाराज का आश्रम बना हुआ है।
इसी परिसर में साल 2021 में रामनवमी के दिन वृंदावन के संत गोलोक वृंदावन दास महाराज के मार्गदर्शन में सोहनदास महाराज से अनुमति लेकर विधि-विधान से भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। यह प्रतिमाएं जगन्नाथ पुरी से लाई गई थीं। करीब पांच वर्षों से वृंदावन से आए पुजारी विष्णु दास सका इस मंदिर में सेवा कर रहे थे। मंदिर परिसर में ही एक कमरे में रहते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उन्हें कुछ गांजा पीने वाले परेशान कर रहे थे।
उनके साथ मारपीट भी की थी, जिसकी शिकायत खिलचीपुर थाने में की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में प्रताड़ना से परेशान होकर वह गुरुवार रात को मंदिर पुजारी विष्णु दास सका मंदिर से मूर्तियों को कार में बैठाकर चले गए थे। उन्होंने मूर्तियां ले जाने सहित पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी जारी किया था। इधर भगवान के मंदिर में नहीं मिलने से श्रद्धालु भी दुखी-परेशान थे। ऐसे में शनिवार को खिलचीपुर टीआई उमाशंकर मुकाती सहित अन्य पुलिसकर्मी व कुछ स्थानीयजन भगवान व पुजारी को खोजने वृंदावन रवाना हुए थे, जहां उन्हें भगवान व पुजारी मिल गए।
पुलिस के मुताबिक पुजारी जहां के रहने वाले हैं, वहां उनका मकान है व उसी में मंदिर बना हुआ है। पुजारी ने खिलचीपुर से मूर्तियां ले जाने के बाद घर के अंदर बने हुए मंदिर में ही मूर्तियां स्थापित कर दी थी। उनका बकायदा श्रृंगार करने के साथ ही पूजन-अर्चना के कार्यक्रम शुरू किए जा चुके थे। जिस तरह के सिंहासन में खिलचीपुर मंदिर में भगवान विराजमान थे उसी तरह का सिंहासन व मंदिर पुजारी के घर में बना था, जिसमें भगवान को स्थापित किया जा चुका था।
पुलिस ने वहां पहुंचकर पुजारी से चर्चा की व उन्हें वापस मूर्तियों के साथ खिलचीपुर आने के लिए तैयार किया। पुलिस ने पुजारी को आश्वस्त किया है कि कोई भी परेशान नहीं करेंगा। आसामाजिक तत्व मंदिर पर दर्शन् करने भले आए, लेकिन रुकेगा नहीं। यदि कोई परेशान करे तो तत्काल पुलिस को सूचना दे, पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी। पुलिस के साथ ही खिलचीपुर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी उन्ळें आश्वस्त किया। इसके बाद वह मूर्तियां लाने व स्वयं आने को तैयार हुए। रविवार दोपहर 2.30 बजे पुलिस टीम मूर्तियों व पुजारी के साथ वृंदावन से खिलचीपुर के लिए रवाना हो गई।
आजसोमवार को मंदिर में विधि-विधान के साथ तीनों प्रतिमाएं पुनः विराजमान होंगी और शाम 6 भजन महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस खबर से श्रद्धालुओं में राहत की लहर है, लेकिन इसके साथ ही कई सवाल भी उठ खड़े हुए हैं।
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भगवान जगन्नाथ मंदिर से प्रभु के जाने से मंदिर परिसर में रहने वाले 75 वर्षीय बालयोगी सोहनदास महाराज दुखी हैं। उन्होंने भगवान के जाने से आहत होकर शनिवार से ही अन्न त्याग रखा है। उनका कहना है कि जब तक प्रभु नहीं आएंगे तब तक वह अन्न् ग्रहण नहीं करेंगे। ऐसे मूर्तियां आने के बाद ही वह अन्न ग्रहण करेंगे।