राजगढ़ में किसानों के लिए मंत्री नारायण सिंह पंवार ने अपनी ही सरकार को दी चुनौती, बोले- 'कब्जा नहीं देंगे, चाहे CM ही क्यों न आ जाएं'
ग्राम बांकपुरा में औघोगिक क्षेत्र के लिए खरीदी गई जमीन का विरोध तेज होना शुरू हो गया। करीब 50 गांवों के किसानों द्वारा आयोजित की गई महापंचय में किसानो ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 14 May 2026 02:45:39 PM (IST)Updated Date: Thu, 14 May 2026 02:55:06 PM (IST)
राजगढ़ में किसानों से बातचीत करते हुए मंत्री नारायण सिंह पंवार। नईदुनिया।HighLights
- चुनौतीपूर्ण बयान: मंत्री ने मुख्यमंत्री तक का नाम लेते हुए कहा कि वे किसानों के हित के लिए किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।
- किसानों का संकट: 50 गांवों के किसानों के सामने रोजी-रोटी और मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
- राजनीतिक संदेश: यह बयान राज्य की राजनीति में मंत्री की अपनी ही सरकार की नीतियों के प्रति असहमति के रूप में देखा जा रहा है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। जिले की ब्यावरा तहसील के ग्राम बांकपुरा में जमीन अधिग्रहण का मामला अब 'हाई वोल्टेज' पॉलिटिकल ड्रामे में बदल गया है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए अधिग्रहित 219 बीघा जमीन के विरोध में जुटी 50 गांवों की 'किसान महापंचायत' में राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने ऐसे तेवर दिखाए कि सत्ता के गलियारों में हलचल मच गई है।
इस्तीफे की पेशकश और कड़े शब्द
महापंचायत में उमड़े किसानों के दर्द को देखते हुए मंत्री पंवार ने मंच से खुलेआम एलान किया- "कब्जा नहीं देंगे, दीवार की तरह खड़े हो जाओ। कितना ही बड़ा उद्योगपति आ जाए, भले कोई भी आ जाए। मुख्यमंत्री भी आएंगे तो भी मैं खड़ा रहूंगा। पहले मेरा इस्तीफा लो, फिर बाद में बात करेंगे।"
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, दिलीप बिल्डकॉन कंपनी ने 'ब्रायोनिया एलर्जी' के नाम पर बांकपुरा की 219 बीघा जमीन ली है, जहां बायोगैस प्लांट का विस्तार होना है। प्रशासन ने सीमांकन शुरू कर किसानों को बेदखल करना चाहा, तो ग्रामीण भड़क उठे। किसानों का आरोप है कि जिस जमीन पर वे बरसों से खेती कर रहे थे और जहां उनके मवेशी चरते थे, उसे गुपचुप तरीके से छीन लिया गया।
विपक्ष भी साथ मिला
दिलचस्प बात यह रही कि इस महापंचायत में मंत्री पंवार के साथ कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए। मंत्री ने साफ कहा कि कारखाना कहीं भी लग सकता है, लेकिन किसानों की रोजी-रोटी और पेट का सवाल सबसे पहले है। पेट कहां से भरेंगे।
दिलीप बिल्डकोन ने करीब 219 बीघा जमीन ली है। ब्रायोनिया एलर्जी के नाम से वह जमीन है। जमीन पटटे की ली है या कैसी है यह मेरी जानकारी में नहीं है।मेरे समय की नहीं है, मैं अभी आया हूं।- आनंद जायसवाल, तहसीलदार ब्यावरा।