'साहब! दो ही रोटी मिलती हैं, हम भूखे हैं', राजगढ़ के सरकारी हॉस्टल में रो पड़े मासूम, तहसीलदार ने होटल से मंगाया खाना
रविवार को राजगढ़ के खिलचीपुर स्थित शासकीय बालक प्री-मैट्रिक विमुक्त जाति छात्रावास में निरीक्षण करने पहुंचे तहसीलदार विनीत गोयल को भूखे पेट रहने की व् ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 23 Feb 2026 01:59:40 AM (IST)Updated Date: Mon, 23 Feb 2026 02:02:00 AM (IST)
प्री-मैट्रिक छात्रावास में बच्चों को नसीब नहीं भरपेट भोजन (फाइल फोटो)HighLights
- राजगढ़ में छात्रावास संचालकों की मनमानी देखने को मिली है
- प्री-मैट्रिक छात्रावास में बच्चों को नसीब नहीं भरपेट भोजन
- ऐसा होने पर तहसीलदार के सामने बच्चों का छलका दर्द
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। मध्य प्रदेश में छात्रावास संचालकों की मनमानी और अधिकारियों की अनदेखी कमजोर वर्ग के बच्चों पर भारी पड़ रही है। उन्हें भरपेट भोजन तक नसीब नहीं होता। रविवार को राजगढ़ के खिलचीपुर स्थित शासकीय बालक प्री-मैट्रिक विमुक्त जाति छात्रावास में निरीक्षण करने पहुंचे तहसीलदार विनीत गोयल को भूखे पेट रहने की व्यथा बताते हुए बच्चे रो पड़े।
उन्होंने कहा कि उन्हें हर रोज खाने में केवल दो रोटी दी जाती हैं। आज भी वह भूखे हैं, इस पर तहसीलदार ने होटल से भोजन मंगाकर बच्चों को खिलाया।
कई दिन से परेशान थे छात्र
दरअसल छात्रावास में यह रवैया कई महीनों से चल रहा था। पिछले दिनों शिकायत मिलने पर 20 फरवरी को अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे, जरूरी दिशा निर्देश भी दिए, लेकिन बच्चों से बात नहीं की। रविवार को एसडीएम अंकिता जैन ने तहसीलदार को छात्रावास भेजकर वास्तविकता पता करने को निर्देशित किया। तहसीलदार पहुंचे तो बच्चों ने एक-एक कर अव्यवस्था की पोल खोल दी।
कमलापुरा निवासी कक्षा छठवीं के छात्र कपिल नायक ने बताया कि सुबह उन्हें केवल दो रोटियां दी हैं। और मांगने पर मना कर दिया। वहीं किशनगढ़ के छात्र उत्तम नायक ने कहा कि कई बार उन्हें भूखे ही सोना पड़ता है। शिकायत करने पर डराया-धमकाया जाता है। घर भेज देने की चेतावनी दी जाती है।
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मान्यपुरा के एक छात्र ने भी यही समस्या दोहराई। बच्चों की मानें तो नाश्ते में रोज उन्हें पोहा, दोपहर में दाल-रोटी और रात में आलू-टमाटर या आलू-मटर की सब्जी मिलती है। रविवार को भी वह भूखे थे, लिहाजा तहसीलदार ने पटवारी को भेजकर होटल से रोटी, दाल, सब्जी मंगाकर बच्चों को परोसा।
पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का छात्रावास है। शिकायत मिलने पर जांच करने गए थे। बच्चों ने बताया है कि उन्हें प्रापर खाना नहीं दिया जा रहा, जली हुई रोटी दी जाती हैं। पंचनामा बनाया है, जिसे कलेक्टर को भेजा जाएगा। -विनीत गोयल, तहसीलदार खिलचीपुर।